जलसंकट से गुस्साया मनेगाव, तहसील पर ‘हंडा मोर्चा’, सड़क निर्माण में टूटी पाइपलाइन, 22 गांव प्रभावित
Manegaon Water Crisis: सिन्नर तहसील के मनेगाव सहित 22 गांवों में छह महीने से जलापूर्ति ठप है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से गुस्साई महिलाओं ने तहसील कार्यालय पर हंडा मोर्चा निकाला।
- Written By: आंचल लोखंडे
22 villages water supply issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sinnar Handa Morcha Protest: सिन्नर तहसील के मनेगाव सहित 22 गांवों में क्षेत्रीय जलापूर्ति योजना गंभीर संकट से जूझ रही है। सड़क के कंक्रीटीकरण कार्य के दौरान मुख्य जलवाहिनी क्षतिग्रस्त हो जाने से पिछले छह महीनों से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। इस कृत्रिम जल संकट से आक्रोशित महिलाओं ने मंगलवार, 17 फरवरी को तहसील कार्यालय पर ‘हंडा मोर्चा’ निकालकर प्रशासन के खिलाफ तीव्र नाराजगी जताई।
कंक्रीटीकरण कार्य बना मुसीबत
लासलगाव-विंचूर-घोटी मार्ग पर चल रहे कंक्रीटीकरण कार्य के दौरान दापूर से जल शुद्धीकरण केंद्र तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी पाइपलाइन टूट गई। इसके कारण मनेगाव, धोंडवीरनगर, रामनगर, पाटोळे, दोडी, गोंदे, भोकणी और अन्य गांवों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
आर्थिक बोझ और बिजली संकट
स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को 200 लीटर पानी के लिए 60 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, बिजली बिल बकाया होने के कारण महावितरण ने संबंधित बिजली कनेक्शन काट दिया है। शासन द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान बंद किए जाने और 15वें वित्त आयोग की निधि से बिजली बिल भुगतान को लेकर बनी अनिश्चितता ने समस्या को और जटिल बना दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
14 वर्षों बाद आंदोलन में उतरे अन्ना हजारे, छात्रों के समर्थन में 2 घंटे का मौन प्रदर्शन
सिविल कोर्ट से सड़क तक गूंजा विरोध, NEET मुद्दे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य को लेकर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
NEET पेपर लीक के विरोध में आगरा में फूटा युवाओं का गुस्सा, तिरंगा मार्च निकालकर निष्पक्ष परीक्षा की उठाई मांग
NEET Paper Leak विवाद पर महाराष्ट्र में बढ़ा आंदोलन, मुंबई में छात्रों का प्रदर्शन; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
आंदोलन में भारी भागीदारी
मनेगाव के सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम मुरकुटे, सरपंच सुनीता सोनवणे, उपसरपंच भालेराव तथा पाटोळे के सरपंच सुनील सांगळे के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चे में मनीषा सोनवणे, माधुरी कांडेकर, निकिता शिंदे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं।
ये भी पढ़े: नागपुर में दर्दनाक हादसा: पिता बनने की खुशी मातम में बदली, शराब पार्टी के दौरान गाड़ी के नीचे आने से मौत
प्रशासन का आश्वासन
मोर्चे के दबाव को देखते हुए उपजिलाधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुळे और तहसीलदार सुरेंद्र देशमुख ने संबंधित ठेकेदार से चर्चा की। प्रशासन ने दो दिनों के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।
