35 thousand bribe case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Ministry Bribery Case: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में सामने आए सनसनीखेज रिश्वत कांड पर मंत्री नरहरी झिरवल ने किसी भी तरह की साजिश की आशंका को खारिज किया है। मंत्री झिरवल ने कहा, “मेरे विभाग में जो कुछ भी हुआ, वह बेहद गलत और शर्मनाक है। लेकिन इसमें मेरी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। मैंने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं और स्वतंत्र जांच कर गोपनीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।”
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंत्री झिरवल के कार्यालय के लिपिक राजेंद्र ढेरंगे को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद विपक्ष ने मंत्री पर सवाल उठाए हैं। झिरवल ने कहा कि उन्हें किसी पर शक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, “पार्टी में मेरा कोई दुश्मन नहीं है, इसलिए मुझे फंसाने का सवाल ही नहीं उठता।”
मंत्री नरहरी झिरवल ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें इस रिश्वत मामले की पूर्व जानकारी नहीं थी। अपने मंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि किसी को मंत्री बनाना या हटाना मुख्यमंत्री का अधिकार है। उन्होंने कहा, “मैं मंत्री पद पर रहूंगा या इस्तीफा दूंगा, इसका निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। मेरी अभी तक उनसे बातचीत नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही मुलाकात होगी।”
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मंगलवार को पार्टी की बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस मामले पर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे मामलों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद सांसद सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, मंत्री हसन मुश्रीफ और पार्थ पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की। बैठक के बाद सुनील तटकरे ने मीडिया से कहा कि मंत्री कार्यालय में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।