
3 वर्षीय बच्ची से क्रूरता फिर बलात्कार के बाद निर्मम हत्या...सरकार पीड़ित परिवार को देगी 10 लाख
MAlegaon News: मालेगांव तहसील के डोंगराले गांव में हुई 3 साल की मासूम बच्ची के साथ दुर्व्यवहार और निर्मम हत्या की घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। यह जघन्य अपराध कुछ दिन पहले हुआ, जब आरोपी ने बच्ची के साथ दुर्व्यवहार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस मामले में न्याय की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है।
इस वीभत्स घटना से मालेगांव के वकीलों में भी भारी आक्रोश है। स्थानीय वकीलों ने एक स्वर में सामूहिक रूप से यह घोषणा की है कि कोई भी वकील आरोपी का केस नहीं लड़ेगा। न्याय और नैतिकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए, वकीलों ने सुनिश्चित किया है कि आरोपी को कानूनी बचाव प्रदान करने के लिए कोई भी आगे न आए। यह कदम पीड़ित परिवार और समाज के प्रति समर्थन का एक शक्तिशाली संकेत है।
मामले की गंभीरता, आरोपी को लेकर सार्वजनिक आक्रोश और वकीलों द्वारा केस लड़ने से इंकार करने की स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है। सरकार ने पीड़िता की ओर से केस लड़ने के लिए देश के जाने-माने विशेष सरकारी अभियोजक उज्ज्वल निकम को नियुक्त किया है। एडवोकेट निकम ने मुंबई बम धमाकों, कसाब मामले और खैरलांजी नरसंहार जैसे कई हाई-प्रोफाइल और जटिल मामलों में सफलतापूर्वक पैरवी करके दोषियों को सज़ा दिलाई है।
विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के इस केस की जिम्मेदारी संभालने के बाद, पीड़ित पक्ष और न्याय की उम्मीद कर रहे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। निकम के अनुभव और प्रभावी तर्क क्षमता को देखते हुए, माना जा रहा है कि इस केस की सुनवाई अब तेज़ गति से होगी और मुकदमे की दिशा स्पष्ट और निर्णायक होगी।
यह भी पढ़ें- पैठण नगर परिषद चुनाव पर रोक! हाईकोर्ट पहुंचा मामला, उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने पर हुआ विवाद
निकम अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, जिसमें वे मामले को शीघ्रता से अंतिम चरण तक ले जाते हैं, जिससे न्याय में अनावश्यक देरी नहीं होती। निकम द्वारा की गई प्रभावी पैरवी से यह सुनिश्चित होने की संभावना बढ़ गई है कि आरोपी को कठोरतम सज़ा मिले, जो समाज में एक मजबूत संदेश स्थापित करेगी। वे साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मज़बूती से न्यायालय में प्रस्तुत करते हैं, जिससे आरोपी के लिए बचाव का रास्ता बेहद कठिन हो जाएगा। मालेगांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है, और अब सभी की निगाहें उज्ज्वल निकम और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि बच्ची के हत्यारे को कब और कितनी कठोर सज़ा मिलती है।






