मालेगांव में सीवर योजना से हाहाकार: सड़कें बनीं गड्ढों का घर, 10 महीने बाद भी आयुक्त का वादा अधूरा

Nashik News: मालेगांव में सीवर योजना के अधूरे कामों से सड़कों पर गड्ढों का साम्राज्य, हादसे आम। पूर्व पार्षद ने ठेकेदारों पर कार्रवाई और बाजार स्थलांतर की मांग की, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी।
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सड़क पर गड्ढे (फोटो नवभारत)
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Malegaon Sewer Project Road Damage: नासिक जिले की मालेगांव मनपा क्षेत्र में पिछले लगभग एक वर्ष से भूमिगत सीवर योजना का काम जारी है। इस योजना के कारण पूरे शहर में सड़कों की हालत बद से बदतर हो गई है। ठेकेदारों ने अनेक स्थानों पर काम अधूरा और घटिया दर्जे का किया है, जिसके चलते सड़कों पर बडे़-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि नागरिकों में यह सवाल उठ रहा है कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क?

सोयगांव प्रभाग क्रमांक 11 सहित शहर के अनेक इलाकों में सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे नागरिकों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई नई सीमेंट सड़कों पर भी ठेकेदारों ने गटर लाइन बिछाने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया है, जिससे सड़कें उखड़कर खतरनाक हो गई हैं।

हादसों का खतरा बढ़ा

मालेगांव के डीके चौक परिसर के मनोदय मेडिकल से साईबाबा मंदिर तक का मार्ग अत्यंत व्यस्त होने के बावजूद, समय पर इसकी दुरुस्ती नहीं की गई है, जिसके कारण छोटे और बडे हादसे आम हो गए हैं। इस मार्ग पर स्कूल के बच्चे भी रोजाना आते-जाते हैं। पूर्व पार्षद बापू बच्छाव ने इस स्थिति पर प्रशासन से सवाल किया है कि अगर हादसा हुआ तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ठेकेदार या आयुक्त। उन्होंने यह भी बताया कि साईबाबा मंदिर से विद्यानगर मार्ग अधूरा पड़ा है, जहां केवल खडी डाल दी गई है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। बच्छाव ने इस मार्ग का शीघ्र डांबरीकरण करने की मांग की है।

आयुक्त के आश्वासन पर कार्रवाई नहीं

मालेगांव में ट्रैफिक जाम की स्थिति भी एक बड़ी समस्या है। हर रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के कारण मनोदय मेडिकल से साईबाबा मंदिर, डी.के. चौक, कॉलेज स्टॉप और विद्यनगर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।

बच्छाव ने बताया कि उन्होंने पहले ही बाजार स्थलांतर का सुझाव आयुक्त को दिया था और आत्मदहन की चेतावनी भी दी थी। आयुक्त ने बाजार को नई जगह स्थानांतरित करने का तीन महीने में लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन दस महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बच्छाव ने कहा कि मालेगांव मनपा पिछले ढाई वर्ष से प्रशासक के अधीन है, और पार्षद नहीं हैं, इसलिए नागरिक अपनी समस्याएं लेकर कहां जाएं। उन्होंने मांग की है कि भुयारी गटर योजना में हुए निकृष्ट दर्जे के कामों की जांच की जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों पर कार्रवाई हो। साथ ही, यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए साप्ताहिक बाजार को शीघ्र नई जगह स्थानांतरित किया जाए।

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