- Hindi News »
- Special Coverage »
- Congress Ideological Conflict History
नवभारत विशेष: पहले भी कांग्रेस में रहा है विचारधारा का टकराव
Congress Ideological Conflict: कांग्रेस में विचारधारा का टकराव नया नहीं है। जानें इसके ऐतिहासिक उदाहरण, नेताओं के मतभेद और पार्टी की राजनीति व भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव।
- Written By: दीपिका पाल

पहले भी कांग्रेस में रहा है विचारधारा का टकराव (सौ.डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल्कुल ठीक कहा है कि कांग्रेस में हमेशा से एक से अधिक विचारधाराएं रही हैं।इसे समझने के लिए अतीत में झांकें तो पता चलेगा कि महात्मा गांधी ने गोरखपुर जिले के चौरीचौरा में भड़की हिंसा से क्षुब्ध होकर 1921 में असहयोग आंदोलन समाप्त करने का अचानक फैसला ले लिया था।राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन रोकने के पीछे बापू की दलील थी कि साध्य के साथ साधन भी पवित्र होने चाहिए।लोगों ने हिंसा कर साधन को अपवित्र कर दिया।देशबंधु चित्तरंजनदास और मोतीलाल नेहरू महात्मा गांधी से असहमत थे।उन्होंने 1 जनवरी 1923 को स्वराज पार्टी बना डाली, जिसका प्रथम अधिवेशन इलाहाबाद में हुआ।
स्वराज का अर्थ था ‘अपना राज’ या ‘होम रूल’ जिसका उल्लेख दयानंद सरस्वती ने किया था।स्वराज पार्टी की मांग मानकर 1924 में कांग्रेस को चुनाव लड़ने की अनुमति मिली।बाद में स्वराज पार्टी भंग कर चित्तरंजनदास व मोतीलाल कांग्रेस में आ गए।इसके काफी समय बाद नेताजी सुभाषचंद्र बोस का महात्मा गांधी से टकराव का प्रसंग आया।सुभाष बाबू ने महात्मा गांधी समर्थित उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराकर कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव जीता।गांधी ने दुखी होकर कहा था कि पट्टाभि की हार मेरी हार है।गांधी के प्रभाव वाली कार्यकारिणी ने सुभाष बाबू को सहयोग देने से इनकार किया, तो उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देकर फॉरवर्ड ब्लॉक बना लिया।सुभाष बाबू ने बाद में आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया।उनका हिंसा का रास्ता गांधी को पसंद नहीं था।इसके बाद भारत के अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य ने कांग्रेस से दूरी बनाकर 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई, जो लाइसेंस राज समाप्त कर मुक्त अर्थव्यवस्था लाने के पक्ष में थी।वह नेहरू की नीतियों के खिलाफ थे।इस पार्टी को पूर्व राजा-महाराजाओं का समर्थन प्राप्त था।यह पार्टी चल नहीं पाई।
राजगोपालाचार्य (राजाजी) की बेटी लक्ष्मी का विवाह महात्मा गांधी के पुत्र देवदास गांधी से हुआ था।बाद में राजाजी को बंगाल का राज्यपाल बनाया गया था।डॉ।राममनोहर लोहिया पं।नेहरू के सचिव रह चुके थे।बाद में वह नेहरू के प्रबल विरोधी बन गए।संसद में दोनों के बीच तीखी बहस हुआ करती थी।लोहिया के समान ही आचार्य कृपलानी ने भी कांग्रेस से दूरी बनाकर समाजवादी पार्टी बनाई थी।वह पार्टी भी विघटित होकर प्रजा समाजवादी पार्टी (प्रसोपा) बन गई।इसी तरह कांग्रेस नेताओं का गुट यंग टर्क या युवा तुर्क कहलाने लगा था, जिनमें चंद्रशेखर, मोहन धारिया, कृष्णकांत व सुभद्रा जोशी का समावेश था।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत संपादकीय: विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की रणनीति, नए चेहरों के सहारे सियासी वापसी की कोशिश
जेल से सीधे राज्यसभा जाएंगे उमर खालिद! मुस्लिम संगठनों ने कांग्रेस को लिखी चिट्ठी; जानें क्या कहा
‘आपको सिर्फ जंगल का निवासी बनाना चाहते हैं’, मोदी सरकार पर जमकर गरजे राहुल गांधी; उठाया आदिवासियों का मुद्दा
Assam Election: कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट, इन 7 दिग्गजों पर लगाया दांव; देखें लिस्ट
ये भी पढ़ें– नवभारत विशेष के लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें
यह कांग्रेस में रहने पर भी कांग्रेस सरकार की आलोचना करने में पीछे नहीं रहते थे।1969 में कांग्रेस दो हिस्सों में टूट कर कांग्रेस आई और बुजुर्ग नेताओं की संगठन कांग्रेस बन गई थी।शरद पवार ने सोनिया के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ी थी।कांग्रेस में जी-20 गुट भी बना, जिसमें कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद आदि नेता थे।उन्होंने आगे चलकर पार्टी छोड़ दी।सोनिया गांधी के खिलाफ जीतेंद्र प्रसाद ने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और हार गए थे।शशि थरूर कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे से हार गए थे।वैचारिक टकराव तथा उपेक्षा की वजह से ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस छोड़ी थी।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल्कुल ठीक कहा है कि कांग्रेस में हमेशा से एक से अधिक विचारधाराएं रही हैं।इसे समझने के लिए अतीत में झांकें तो पता चलेगा कि महात्मा गांधी ने गोरखपुर जिले के चौरीचौरा में भड़की हिंसा से क्षुब्ध होकर 1921 में असहयोग आंदोलन समाप्त करने का अचानक फैसला ले लिया था।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
Congress ideological conflict history
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
चंद्रपुर में श्रीमहाकाली माता यात्रा आज से प्रारंभ: हनुमान जयंती पर उमड़ेगा जनसैलाब, प्रशासन की पुख्ता तैयारी
Mar 24, 2026 | 01:44 PMनासिक में सोसायटी विवाद ने पकड़ा तूल, मेंटेनेंस को लेकर खूनी संघर्ष; महिला से बदसलूकी का आरोप
Mar 24, 2026 | 01:40 PMपुणे रेल मंडल की बड़ी कार्रवाई, 7,118 मामलों में कार्रवाई कर यात्रियों की सुरक्षा पर जोर
Mar 24, 2026 | 01:37 PMअसम चुनाव 2026: क्या पिता की विरासत ‘जोरहाट’ बचा पाएंगे गौरव गोगोई या ‘गोस्वामी का अनुभव’ फिर रचेगा इतिहास?
Mar 24, 2026 | 01:32 PMIPL 2026 में नहीं खेलेंगे यश दयाल, टूर्नामेंट से पहले RCB ने लिया बड़ा फैसला, टीम डायरेक्टर ने कही ये बात
Mar 24, 2026 | 01:32 PMट्रंप के ‘करीबियों’ ने लूट लिया शेयर बाजार, सिर्फ 20 मिनट में अज्ञात ट्रेडर ने बनाए 840 करोड़, मचा बवाल
Mar 24, 2026 | 01:29 PMविश्व क्षयरोग दिवस 2026: “Yes! We Can End TB” के संकल्प के साथ मुंबई में टीबी के खिलाफ महाभियान
Mar 24, 2026 | 01:29 PMवीडियो गैलरी

दूल्हा निकला महाठग; खुद को बताया कलेक्टर, तिलक में लिए 15 लाख…फिर नई नवेली पत्नी का ही करने लगा सौदा- VIDEO
Mar 23, 2026 | 10:05 PM
डॉक्टर सईद खान की घिनौनी करतूत! हिंदू युवती को नशीला इंजेक्शन देकर किया रेप, तस्वीरें खींचकर किया ब्लैकमेल
Mar 23, 2026 | 09:58 PM
जिंदगी या जंग? खचाखच भरी ट्रेन, मूसलाधार बारिश और गेट पर लटकता कांपता हुआ यात्री; वायरल हुई बेबसी की तस्वीर
Mar 23, 2026 | 09:54 PM
संसद में गूंजी शांभवी चौधरी की शायरी! विपक्ष पर कसा तंज, PM मोदी के ‘राजधर्म’ को बताया सबसे ऊपर- VIDEO
Mar 23, 2026 | 09:48 PM
कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में पुजारियों का तांडव! श्रद्धालुओं को जमीन पर पटककर लातों से पीटा, वीडियो वायरल
Mar 23, 2026 | 09:42 PM
शहीद दिवस पर संसद में ओम बिरला और सांसदों ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को दी गई श्रध्दांजली
Mar 23, 2026 | 01:51 PM














