

Congress Leader Prithviraj Chavan Refused To Apologize: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि, चव्हाण ने साफ कर दिया है कि वे माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि संविधान उन्हें सवाल पूछने का अधिकार देता है।
पृथ्वीराज चव्हाण ने भविष्य के युद्धों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अब युद्ध जमीन के बजाय हवा और मिसाइलों से लड़े जाएंगे। इसके आधार पर उन्होंने यह सवाल उठाया, "क्या हमें वाकई 12 लाख सैनिकों की सेना बनाए रखने की जरूरत है, या हम उनसे कोई और काम करवा सकते हैं?"
समाचार एजेंसी ANI ने उनसे माफी मांगने के बारे में पूछा, तो उन्होंने दो-टूक जवाब दिया। चव्हाण ने कहा कि मैं माफी क्यों मांगू, इसका तो सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि संविधान उन्हें सवाल पूछने का अधिकार देता है। वह अपने बयान पर पूरी तरह से कायम हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने न केवल 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि भारतीय वायुसेना (IAF) की स्थिति पर भी हैरान करने वाले दावे किए हैं। चव्हाण ने बीते दिन दावा किया था कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के पहले ही दिन भारत को शिकस्त झेलनी पड़ी थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि संघर्ष के दौरान भारतीय विमानों को मार गिराया गया था।
चव्हाण ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) पूरी तरह से ग्राउंडेड थी और एक भी विमान ने उड़ान नहीं भरी। उनका यह भी कहना था कि अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई भी विमान उड़ान भरता, तो पाकिस्तान द्वारा उसे मार गिराए जाने की प्रबल संभावना थी। पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुरू हुआ यह विवाद अब दिल्ली तक पहुंच चुका है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता चव्हाण के इन बयानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बीजेपी ने इसे भारतीय सशस्त्र बलों का अपमान बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "सेना का अपमान, कांग्रेस की पहचान।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारतीय सशस्त्र बलों से नफरत करती है।
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के बुनियादी ढांचे को तबाह करना था। भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के तहत 10 से ज्यादा आतंकी ठिकाने नष्ट किए और सैकड़ों आतंकियों को मार गिराया था।