AIMIM विधायक मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल व मंत्री दादा भुसे (सोर्स: सोशल मीडिया)
AIMIM Shiv Sena Secret Meeting: नासिक जिले की मालेगांव महानगरपालिका में महापौर और उप-महापौर की कुर्सी के लिए बिसात बिछ चुकी है। 7 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले शहर का सियासी तापमान अपने चरम पर है। गुरुवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने मालेगांव से लेकर मुंबई तक के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
गुरुवार को AIMIM विधायक मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल और पूर्व महापौर अब्दुल मलिक ने राज्य के शिक्षा मंत्री व कद्दावर शिवसेना नेता दादा भुसे के जनसंपर्क कार्यालय में उनसे मुलाकात की। हालांकि, दोनों ही पक्षों ने इस मुलाकात को ‘औपचारिक’ बताया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो पर्दे के पीछे महापौर पद के लिए शिवसेना और उप-महापौर पद के लिए AIMIM के बीच ‘डील’ पक्की हो चुकी है।
हैरानी की बात यह है कि AIMIM ने इस बार महापौर पद की रेस से खुद को बाहर कर लिया है। पार्टी का पूरा फोकस अब उप-महापौर पद पर है, जिसके लिए विधायक पुत्र हाफिज अब्दुल्ला को मैदान में उतारा गया है। रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए मुंबई-आगरा हाईवे पर स्थित एक निजी होटल में एमआईएम पार्षदों की गुप्त बैठक भी हुई। चर्चा है कि AIMIM के पार्षद शिवसेना की महापौर प्रत्याशी लता घोडके के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
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मालेगांव का चुनावी रण अब तीन कोनों में बंट गया है। शिवसेना ने महापौर पद के लिए लता घोडके और उप-महापौर के लिए नीलेश काकडे व नरेंद्र सोनवणे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं AIMIM ने उप-महापौर पद के लिए हाफिज अब्दुल्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। इधर मालेगांव सेकुलर फ्रंट की ओर से महापौर पद के लिए नसरीन शेख और ताहेरा शेख, जबकि उप-महापौर के लिए शान-ए-हिंद चुनावी मैदान में है।
सेकुलर फ्रंट की मौजूदगी ने चुनाव को और भी पेचीदा बना दिया है। यदि शिवसेना और AIMIM का गठबंधन आधिकारिक होता है, तो सेकुलर फ्रंट के लिए राहें मुश्किल हो सकती हैं। फिलहाल, पूरे शहर की निगाहें शनिवार को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं। क्या दादा भुसे का ‘मैनेजमेंट’ काम आएगा या विपक्ष कोई बड़ा उलटफेर करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।