पुणे जिला परिषद चुनाव: आज रात 10 बजे थमेगा प्रचार, 7 फरवरी को मतदान
Maharashtra Local Body Elections: पुणे जिला परिषद चुनाव में प्रचार थमेगा, 7 फरवरी मतदान से पहले मौन अवधि लागू, चुनावी विज्ञापन व रैलियों पर रोक, प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे जिला परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Zila Parishad Elections: पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए पिछले कई दिनों से जारी गहमागहमी और प्रचार का शोर आज पूरी तरह थम जाएगा। प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र डूडी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 5 फरवरी की रात 10 बजे के बाद सार्वजनिक प्रचार पर पूर्णतः प्रतिबंध लागू हो जाएगा। इसके साथ ही मतदान के दिन किसी भी प्रकार के चुनावी विज्ञापन के प्रकाशन और प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई है।
7 को होगा मतदान
पुणे जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान 7 फरवरी को निर्धारित है। आचार संहिता के कड़े नियमों के तहत, प्रचार की समयसीमा समाप्त होते ही ‘मौन अवधि’ (साइलेंस पीरियड) शुरू हो जाएगी। जिलाधिकारी डूडी ने बताया कि इस अवधि के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को कानूनन अपराध माना जाएगा।
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यह प्रतिबंध केवल रैलियों या सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अखबार, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाने वाले विज्ञापन भी शामिल हैं। महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति अधिनियम, 1961 की धारा 28 (ब) (1) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मतदान शुरू होने से 24 घंटे पहले किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा आयोजित करना वर्जित है, ताकि मतदाता शांत वातावरण में अपना निर्णय ले सकें।
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विशेष उड़न दस्तों का गठन, मतदाताओं से अपील
- चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए ‘विज्ञापन प्रमाणीकरण आदेश, 2025’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विशेष उड़न दस्तों का गठन किया है। 5 फरवरी की रात 10 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार या पदयात्रा, जुलूस, लाउडस्पीकर का उपयोग या घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी।
- जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मीडिया संस्थानों, प्रिंटिंग प्रेस और सोशल मीडिया एडमिनिस्ट्रेटर्स को चेतावनी दी है कि यदि मतदान के दिन या उससे पहले की मौन अवधि में किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री प्रसारित होती पाई गई, तो संबंधित इकाई के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में आए बिना निर्भीक होकर मतदान करें।
- साथ ही, यदि कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन होता दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
