AIMIM Setback:मालेगांव महानगरपालिका (सोर्सः सोशल मीडिया)
Malegaon Politics: मालेगांव महानगरपालिका की सत्ता के समीकरणों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को यहां करारा झटका लगा है। कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए न केवल शिवसेना (शिंदे गुट) बल्कि एमआईएम को भी सत्ता की दौड़ से बाहर करने के उद्देश्य से इस्लाम पार्टी को अपना आधिकारिक समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
मनपा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, लेकिन नए गठबंधन के बाद स्थिति साफ हो गई है। इस्लाम पार्टी के 35, समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 3 पार्षदों को मिलाकर कुल संख्या 43 हो गई है, जो बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस गठबंधन के बाद इस्लाम पार्टी के लिए सत्ता गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
चुनाव परिणामों की स्थिति
मालेगांव में भाजपा ने मजबूत पैठ बनाने की तैयारी की थी, लेकिन पार्टी खाता खोलने में भी असफल रही। वहीं, एमआईएम के लिए सत्ता का गणित पूरी तरह उलझ गया है। चर्चा थी कि शिंदे सेना और एमआईएम मिलकर सत्ता के लिए कोई रणनीति अपना सकते हैं, लेकिन कांग्रेस ने केवल तीन सीटें होने के बावजूद रणनीतिक कदम उठाकर एमआईएम को सत्ता से दूर कर दिया।
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इस बीच इस्लाम पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने एमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल से मुलाकात कर समर्थन को लेकर चर्चा की है। हालांकि एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने दावा किया है कि उन्हें शिंदे सेना की ओर से सत्ता गठन का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए सत्ता की चाबी फिलहाल इस्लाम पार्टी के हाथ में नजर आ रही है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एमआईएम इस नए समीकरण का हिस्सा बनती है या विपक्ष में बैठने का फैसला करती है।