जिष्णू देव वर्मा ने ली महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ, जानें त्रिपुरा राजघराने से मुंबई के लोक भवन तक का सफर
Maharashtra New Governor: त्रिपुरा के पूर्व उपमुख्यमंत्री जिष्णू देव वर्मा ने मुंबई के लोक भवन में महाराष्ट्र के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।
- Written By: आकाश मसने
महाराष्ट्र के नए राज्यपाल जिष्णू देव वर्मा का शपथ ग्रहण समाराेह (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jishnu Dev Varma Takes Oath Maharashtra Governor: महाराष्ट्र के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। त्रिपुरा के कद्दावर नेता और अनुभवी राजनीतिज्ञ जिष्णू देव वर्मा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मुंबई स्थित ‘लोक भवन’ (पूर्व में राजभवन) में आयोजित एक भव्य समारोह में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें शपथ दिलाई।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और विधानसभा परिषद के सभापति राम शिंदे सहित कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे। इससे पहले, सोमवार को जब जिष्णू देव वर्मा अपनी पत्नी सुधा देव वर्मा के साथ मुंबई पहुंचे थे, तब हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने स्वयं उनका भव्य स्वागत किया था। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।
#LIVE | ‘महाराष्ट्राचे नवनियुक्त मा. राज्यपाल जिष्णू देव वर्मा यांचा शपथविधी समारंभ’ येथे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांची प्रमुख उपस्थिती @maha_governor @Jishnu_Devvarma @Dev_Fadnavis#Maharashtra #Mumbai #OathCeremony https://t.co/8VFT5GMVEa — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 10, 2026
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कौन है जिष्णू देव वर्मा?
15 अगस्त 1957 को अगरतला में जन्मे जिष्णू देव वर्मा त्रिपुरा के माणिक्य राजवंश से ताल्लुक रखते हैं। वे न केवल एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं, बल्कि कला और संस्कृति के प्रति भी उनका गहरा झुकाव है। उन्होंने 1990 के दशक में भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। 2018 से 2023 के बीच उन्होंने त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री के रूप में वित्त, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला।
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तेलंगाना के राज्यपाल भी रह चुके
महाराष्ट्र आने से पहले वर्मा तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवा दे रहे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किए गए हालिया फेरबदल के बाद उन्हें महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि सी.पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद से यह पद रिक्त था और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत इसका अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
