Malegaon Mayor Election 2026 (फोटो क्रेडिट-X)
Malegaon Mayor Election 2026: महाराष्ट्र के मालेगांव में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव ने राज्य की राजनीति में एक बेहद अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है। ‘हिंदुत्व’ की विचारधारा पर चलने वाली मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और ‘कट्टर मुस्लिम राजनीति’ का प्रतिनिधित्व करने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के बीच गठबंधन की चर्चाएं जोरों पर हैं। शनिवार, 7 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक पहले, राज्य के कैबिनेट मंत्री दादा भुसे और एआईएमआईएम विधायक मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल के बीच हुई ‘सीक्रेट मीटिंग’ ने मालेगांव नगर निगम में सत्ता के नए समीकरणों की ओर इशारा किया है।
इस संभावित गठबंधन ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि एक तरफ भाजपा-शिवसेना गठबंधन है और दूसरी तरफ एआईएमआईएम, जो अक्सर महायुति की विरोधी रही है।
गुरुवार को मुंबई-आगरा हाईवे के पटना शिवारा स्थित एक होटल में एआईएमआईएम पार्षदों (कॉर्पोरेटर्स) की एक गुप्त बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शिवसेना की मेयर प्रत्याशी लता घोडके को समर्थन देने की रणनीति बनाई गई। एआईएमआईएम ने रणनीतिक रूप से मेयर पद की दौड़ से खुद को पीछे हटा लिया है, लेकिन डिप्टी मेयर पद के लिए विधायक मौलाना मुफ्ती के बेटे हाफिज अब्दुल्ला को मैदान में उतारा है। बदले में, शिवसेना ने भी डिप्टी मेयर पद के लिए लचीला रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
ये भी पढ़ें- Pune Crime: घर में अकेली नाबालिग के साथ दुष्कर्म, पकड़े जाने पर दिया शादी का झांसा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मालेगांव नगर निगम में सत्ता की जंग त्रिकोणीय होती दिख रही है। एक तरफ शिवसेना-एआईएमआईएम का अनौपचारिक गठबंधन है, तो दूसरी तरफ ‘मालेगांव सेक्युलर फ्रंट’ ने कड़ी चुनौती पेश की है।
मेयर पद के दावेदार: शिवसेना की ओर से लता घोडके, जबकि सेक्युलर फ्रंट की ओर से नसरीन शेख और ताहेरा शेख मैदान में हैं।
डिप्टी मेयर पद का मुकाबला: एआईएमआईएम के हाफिज अब्दुल्ला का मुकाबला शिवसेना के नीलेश काकड़े और सेक्युलर फ्रंट की शान-ए-हिंद से होगा।
मेयर चुनाव के साथ-साथ राज्य के 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों का शोर भी गुरुवार शाम को थम गया। शनिवार को ही इन महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान होना है। मालेगांव प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी संवेदनशील केंद्रों पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मालेगांव में शिवसेना और एआईएमआईएम का ‘बेमेल’ गठबंधन सफल होता है, तो यह भविष्य में होने वाले निकाय चुनावों के लिए एक नया ‘पॉलिटिकल मॉडल’ पेश कर सकता है।