प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Sanjay Raut Dada Bhuse: मालेगांव यहां की अपर जिला सत्र अदालत में चल रहे एक मानहानि मामले की सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और सांसद संजय राऊत पर अदालत ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सहायक मुख्य दंडाधिकारी पिंपले ने यह दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें अगली सुनवाई पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया है। महाराष्ट्र के कैविनेट मंत्री दादा भुसे और सांसद संजय राऊत के बीच हुई तीखी बयानबाजी इस कानूनी लड़ाई की मुख्य वजह है।
कुछ महीने पहले संजय राऊत ने मंत्री दादा भुसे पर सार्वजनिक रूप से कई गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए मंत्री दादा भुसे ने राऊत के खिलाफ मानहानि का दीवानी दावा दायर किया था।
गुरुवार 22 जनवरी को इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई तय थी, लेकिन संजय राऊत और उनके वकील दोनों ही अदालत में उपस्थित नहीं हुए, प्रतिवादी पक्ष की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने न केवल जुर्माना ठोका, बल्कि एक अनोखा आदेश भी दिया।
दादा भुसे मानहानि मामला
अदालत ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की यह राशि मंत्री दादा भुसे की ओर से गवाह के रूप में आए सुनील देवरे को दी जाए, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बदर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अदालत ने इस मामले की अगली रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 31 जनवरी को होगी। अदालत ने संजय राऊत को इस तारीख पर सवार्त उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बार-बार अनुपस्थित रहने पर आने वाले समय में संजय राऊत की मुश्किले और बढ़ सकती है। मालेगाव की अदालत के इस फैसले के बाद नाशिक और मालेगांव के राजनीतिक गलियारों में हलवल तेज हो गई है। मंत्री दादा भुसे के समर्थकों ने इसे अपनी नैतिक जीत बताया है।