ईरान-इजराइल युद्ध का असर, महाराष्ट्र में LPG सिलेंडर सप्लाई वाहनों को मिलेगी पुलिस सुरक्षा
Israel-Iran Tension के कारण एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सिलेंडर लेकर जाने वाले वाहनों को पुलिस सुरक्षा दी जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
गैस सिलेंडर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra LPG Supply Crisis: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे भीषण युद्ध का असर अब भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है।
घरेलू और कमर्शियल उपयोग के लिए गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर अभूतपूर्व संकट की आशंका जताई जा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए विशेष कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति करने वाले वाहनों को पुलिस सुरक्षा देने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि आपूर्ति के दौरान वाहनों को लूटे जाने या बाधित किए जाने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में पुलिस सुरक्षा के जरिए गैस वितरण को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने में सरकार करेगी मदद, कैबिनेट में जारी की गई गाइड पुस्तिका
भंडारा में 15 मई तक धारा 37 लागू, हथियार और जुलूस पर प्रतिबंध, त्योहारों के मद्देनज़र प्रशासन सख्त
नितेश राणे का दौरा रद्द, सभा में इंतजार करते रह गए समर्थक, अचलपुर-परतवाड़ा में जनसभा फीकी
प्राचीन स्मारकों के पास अवैध खनन बदस्तूर जारी, खुले में लावारिस पड़ी हैं अनमोल मूर्तियां
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल डिग्गीकर ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि पूरे राज्य में एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
राज्यभर में बनेंगे कंट्रोल रूम
महायुति सरकार ने राज्य, संभाग, जिला और तालुका स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा और गैस आपूर्ति से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही लोगों की सुविधा के लिए व्हाट्सऐप सेवा भी शुरू की जाएगी।
जिला स्तर पर बनेगी विशेष कमेटी
सरकार ने गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट से निपटने और बेहतर समन्वय के लिए जिला स्तर पर विशेष समितियों के गठन का फैसला किया है। इन समितियों में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी और सरकारी गैस कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।
ये भी पढ़ें :- राज्य के बड़े शहरों से गुजरेगा एक और एक्सप्रेसवे, उत्तर से दक्षिण भारत की दूरी होगी कम
इसके अलावा तेल कंपनियों को गैस बुकिंग ऐप और मिस्ड कॉल सेवाओं में आने वाली तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
