News Nashik: मखमलाबाद शिवार में तेंदुए के दर्शन, वन विभाग की नागरिकों से सतर्क रहने की अपील

गर्मी की शुरुआत होते ही तेंदुओं ने अब अपना रुख शहर की ओर कर लिया है। पिछले 2 दिनों से शहर के मखमलाबाद शिवरा में तेंदुए देखे गए हैं। गर्मी के कारण जानवर प्यास बुझाने के लिए शहर की ओर भाग रहे हैं।
मखमलाबाद शिवार में तेंदुए के दर्शन
मखमलाबाद शिवार में तेंदुए के दर्शन। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नासिक: गर्मी की शुरुआत होते ही तेंदुओं ने अब अपना रुख शहर की ओर कर लिया है। पिछले 2 दिनों से शहर के मखमलाबाद शिवरा में तेंदुए देखे गए हैं। गर्मी की शुरुआत होते ही तापमान 40 डिग्री के पार हो गया है। गर्मी के कारण जानवर प्यास बुझाने के लिए शहर की ओर भाग रहे हैं। जंगलों पर इंसानी अतिक्रमण के कारण जंगली जानवर अब शिकार और पानी के लिए शहर की ओर आ रहे हैं।

नासिक इलाके में खेती-किसानी ज्यादा होती है। इस कारण तेंदुओं के लिए खेतों में छिपना आसान है। तेंदुए रात में गन्ने की फसलों में छिप जाते हैं, जबकि रात में वे कुत्तों, बकरियों, भेड़ों और बछड़ों का शिकार करने निकल पड़ते हैं। वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर पिंजरे लगाए हैं और उन्हें पकड़ने के बाद म्हसरुल स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया जाता है, जहां से वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाता है।

प्यास बुझाने के लिए शहर की ओर भाग रहे हैं

गर्मियों के दिनों में जंगल में पानी के स्रोत सूख जाते हैं, जिससे पानी मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में पानी की तलाश में तेंदुए शहर की ओर आ रहे हैं। दिन में शहर की चहल-पहल और जान के खतरे के कारण तेंदुए आश्रय स्थलों या खेतों में छिपे रहते हैं, लेकिन रात में शिकार करने निकल पड़ते हैं। वन विभाग ने नागरिकों से ऐसे समय में सावधान रहने की अपील की है। अकोला में 39 हजार से अधिक परिवारों का सर्वेक्षण पूरा, बेघर परिवारों को मिलेगा अपना घर...

किसान अकेले खेतों में न जाएं

रात में खेतों में जाते समय उन्हें अपने हाथों में लाठी लेकर जाना चाहिए और साथ में बड़ी बैटरी रखनी चाहिए। अकेले खेतों में जाने की बजाय उन्हें समूह में जाना चाहिए। लाठी में घंटी लगी हो तो बेहतर है। अगर तेंदुआ उनके सामने आ जाए तो उन्हें अपने हाथ ऊपर उठाने चाहिए।

चूंकि तेंदुआ अपने से छोटे जानवरों पर हमला करता है, इसलिए उन्हें तेंदुआ को यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे उनसे बड़े हैं। ताकि वे भाग जाएं। तेंदुआ से भागने की कोशिश न करें, नहीं तो वह उनका पीछा करेगा। अगर तेंदुआ उनके सामने आ जाए तो उन्हें धैर्य से उसका सामना करना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में रात में बाहर न सोएं। छोटे बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।

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