कोपरगांव-मालेगांव महामार्ग के लिए 980 करोड़ मंजूर, केंद्रीय मंत्री गडकरी ने निधि को दी मंजूरी
Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोपरगांव-येवला-मनमाड-मालेगांव महामार्ग के चौड़ीकरण और कंक्रीटकरण के लिए 980 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिसमें येवला के लिए फ्लाईओवर और बाईपास शामिल हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
कोपरगांव-मालेगांव महामार्ग के लिए 980 करोड़ मंजूर
Kopargaon Malegaon Highway: कोपरगांव-येवला-मनमाड-मालेगांव मार्ग के चौड़ीकरण और कंक्रीटकरण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 19 जून 2025 को 980 करोड़ रुपये की निधि को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इस मार्ग पर स्थित पिंपलगांव जलाल टोल प्लाजा की अवधि समाप्त होने के कारण उसे बंद कर दिया गया है और यह सड़क अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हस्तांतरित कर दी गई है।
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में येवला शहर के लिए फोर-लेन फ्लाईओवर और बाईपास रोड को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
येवला में बनेगा फ्लाईओवर और बाईपास
मंत्री छगन भुजबल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पत्राचार कर येवला में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को सुलझाने के लिए इस मार्ग को फोर-लेन कंक्रीट सड़क बनाने की मांग की थी। वहीं, पूर्व सांसद समीर भुजबल ने भी 21 मई 2025 को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से भेंट कर येवला शहर को यातायात मुक्त करने के लिए बाईपास और फोर-लेन सड़क की आवश्यकता पर जोर दिया था। इन प्रयासों के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने 76 किलोमीटर लंबे इस मार्ग (NH 160H और NH 752G) के लिए इस बड़ी बजट राशि को स्वीकृति दी है।
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येवला शहर को ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में यह महामार्ग उत्तर और पश्चिम महाराष्ट्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। येवला शहर के भीतर इस सड़क के दोनों ओर मुख्य बाजार और दुकानें होने के कारण यहां दिनभर भारी यातायात रहता है। स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बाभुलगांव-अंगणगांव-पारेगांव मार्ग से होते हुए ‘येवला शहर बाईपास’ विकसित करने की योजना तैयार की गई है।
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विकास को मिलेगी नई गति
मंत्री छगन भुजबल ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के मुख्य अभियंता और परियोजना निदेशकों को भूमि अधिग्रहण, फ्लाईओवर और बाईपास सहित डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। इस महामार्ग के निर्माण से येवला शहर नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, अहिल्यानगर, पुणे और मालेगांव जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे क्षेत्र के व्यापार, परिवहन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
