छगन दिखाएंगे भुजबल, नासिक में निभाएंगे अहम रोल, तटकरे ने ठाकरे बंधुओं पर कसा तंज
अजित पवार की एनसीपी ने नासिक में अपनी सत्ता जमाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उद्धव और राज ठाकरे की सत्ता को चुनौती देने के लिए एनसीपी ने छगन भुजबल को अहम जिम्मेदारी सौंपी।
- Written By: प्रिया जैस
सुनील तटकरे (सौजन्य-नवभारत)
नासिक: एनसीपी के अजित पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने नासिक में ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जब शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जीवित थे, तब शिवसेना एकजुट थी। इसलिए कौन एकजुट होगा, इससे ज़्यादा हमारा प्रयास अपनी पार्टी को मजबूत करने का है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, घोड़ा मैदान पास है, और इस चुनाव में किसकी ताकत है, यह दिख जाएगा।
पवार परिवार के एकीकरण पर टिप्पणी करते हुए तटकरे ने कहा कि हमारा एनडीए के साथ रहने का निश्चय पक्का है, और जिनकी विचारधाराएं हमें स्वीकार्य होंगी, वे हमारे साथ आ सकते हैं। तटकरे ने यह भी दावा किया कि ‘महायुति’ की समन्वय समिति की बैठक में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव मिलकर लड़ने पर चर्चा हुई है। आगामी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनावों के मद्देनजर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से सुनील तटकरे ने उत्तर महाराष्ट्र से अपना दौरा शुरू किया।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक
शनिवार 5 जुलाई को नासिक में एनसीपी भवन में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक कर उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। इस बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि यह दौरा आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने, नए लोगों को सम्मानपूर्वक साथ लेने और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में पार्टी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए शुरू किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
म्हाडा घोटाला: नगर नियोजन विभाग का बिल्डरों पर हंटर, 168 लोगों की सुनवाई के बाद बड़ी कार्रवाई
नासिक शहर के वाडिया अस्पताल के पास वाली गली खोलने की मांग, मराठा महासंघ और व्यापारियों ने प्रशासन को घेरा
डेढ़ महीने बाद रूपाली चाकणकर की ‘सियासी’ वापसी: अशोक खरात विवाद के बीच नासिक में कार्यकर्ताओं संग की बैठक
अशोक खरात का ‘Ring Master Plan’, एसआईटी के हाथ लगी ढोंगी बाबा अंगूठी और मिला केस का अहम सुराग
तटकरे ने कहा, एनडीए के साथ जाने के संबंध में पहले भी हमारी भूमिका यही थी। आज भी वही भूमिका है। आगामी चुनाव मिलकर लड़ने के संबंध में समन्वय समिति की बैठक में चर्चा हुई है, लेकिन अभी इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। चुनाव के समय तक क्या स्थिति होगी, इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को अभूतपूर्व सफलता मिली थी, और अकेले नासिक से पार्टी के सात विधायक चुने गए हैं।
शहर में संगठन कमजोर
संख्या बल को देखते हुए कार्यकर्ताओं की भावना है कि मनपा और जिला परिषद चुनावों में अधिक से अधिक सीटें मिलें, और इसका निश्चित रूप से विचार करके कार्यकर्ताओं को न्याय दिया जाएगा। इस बैठक में अन्न एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल, प्रदेश प्रवक्ता आनंद परांजपे, पूर्व सांसद समीर भुजबल, विधायक पंकज भुजबल, सरोज अहिरे, रवींद्र पगारे, रंजन ठाकरे, विष्णुपंत म्हैसधुणे, प्रेरणा बलकवडे आदि उपस्थित थे।
‘मैं हिंदी बोलता हूं’, जश्न के बाद बोले संजय राउत, कहा- राजनीति के लिए आए साथ
सुनील तटकरे ने कहा कि नासिक जिले में पार्टी की ताकत है, लेकिन नासिक शहर में संगठन कमजोर है। इसलिए चुनाव के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया गया है। शहर में अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा। इसके लिए भुजबल को निर्देश दिए गए हैं, और अगर उनकी भुजाओं का बल बाहर आया तो शहर में भी संगठन बड़ा होगा। तटकरे ने यह भी बताया कि शहर में संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है।
समीर भुजबल का अहम रोल
जब पूर्व सांसद समीर भुजबल की पार्टी में वर्तमान भूमिका के बारे में पूछा गया, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, तो सुनील तटकरे ने कहा, समीर भुजबल के पास पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व है। वह ‘हार्ड वर्कर’ हैं, और किसी भी कार्यक्रम का बेहतरीन प्रबंधन करने के लिए उन्हें ‘ग्रेट शो मैन’ के रूप में जाना जाता है। इसलिए पार्टी को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, और आने वाले समय में पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देगी।
