नासिक में पेड़ों की कटाई पर बवाल: अमित ठाकरे का प्रशासन को अल्टीमेटम, जब तक बैठक नहीं, तब तक कुल्हाड़ी नहीं
Nashik Tree Cutting: नासिक में विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई के खिलाफ नागरिकों का हुजूम सड़कों पर उतरा, अमित ठाकरे ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि समन्वय समिति की बैठक तक एक भी पेड़ न काटा जाए
- Written By: रूपम सिंह
अमित ठाकरे (सोर्सः नवभारत)
Nashik Environmental Protest News: नासिक पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर नासिक का पारा चढ़ गया है। गुरुवार को शहर के हुतात्मा स्मारक से शुरू हुआ नागरिकों का शांतिपूर्ण मार्च जब महानगरपालिका पहुँचा, तो वहां प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई। इस मार्च ने स्पष्ट कर दिया कि नासिक की जनता विकास के नाम पर अपनी पर्यावरणीय विरासत की बलि देने को तैयार नहीं है।
आंदोलन और प्रशासन के बीच खींचतान
मार्च के दौरान और मनपा मुख्यालय में हुई चर्चा के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं। आंदोलनकारी तब और अधिक नाराज हो गए जब आयुक्त चर्चा के लिए उपलब्ध नहीं थीं। अमित ठाकरे ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रशासन नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। महापौर हिमगौरी आडके ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय आयुक्त के हाथ में है, लेकिन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए एक ‘समन्वय समिति’ बनाई जाएगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार या मंगलवार को साधुग्राम के नियोजन पर विशेष बैठक बुलाई जाएगी। ठाकरे ने साफ कर दिया कि जब तक समिति की बैठक नहीं होती, तब तक नासिक शहर में एक भी पेड़ नहीं कटना चाहिए। उन्होंने तपोवन और अंजनेरी जैसी संवेदनशील पर्वत श्रृंखलाओं के संरक्षण पर जोर दिया। प्रशासनिक जिम्मेदारी पर कड़े सवाल मीडिया से बात करते हुए अमित ठाकरे ने प्रशासन और व्यवस्था पर तीखे तंज कसे।
सम्बंधित ख़बरें
TCS Case Nashik: हर फाइल का अलग पासवर्ड! दानिश शेख के मोबाइल ने फोरेंसिक टीम को भी उलझाया
Ashok Kharat Fraud Case का बड़ा खुलासा, अपने ही CA को माता-पिता की मौत का डर दिखाकर ठगे 8.76 करोड़
होटल में पनीर की जगह ‘एनालॉग’ के इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई, मेनू कार्ड पर जानकारी देना अनिवार्य
कुंभ मेले के कार्यों में आएगी तेजी, त्र्यंबकेश्वर में पूजा-अर्चना के बाद फडणवीस ने दी जानकारी
ये भी पढ़ें :-नासिक में कमर्शियल गैस की किल्लत: जिलाधिकारी आयुष प्रसाद के सख्त निर्देश, कालाबाजारी करने वालों पर होगी जेल
मनसे नेता अमित ठाकरे
पिछले कुंभमेले के दौरान मनसे की सत्ता होने के बावजूद तपोवन में एक भी पेड़ नहीं काटा गया था। फिर अब अचानक पेड़ काटने की इतनी जल्दबाजी क्यों? नासिक महापौर और प्रशासन के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल चल रहा है। यह बिल्कुल चुनाव आयोग जैसा मामला हो गया है।”
