
देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
CM Devendra Fadnavis In Nashik: नाशिक में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने गुरुवार को सिंहस्थ (कुंभ) के बहाने न सिर्फ बड़ा शक्ति-प्रदर्शन किया, बल्कि चुनावी बिगुल भी फूंक दिया।
लगभग 25 हजार करोड़ के प्रकल्पों की घोषणा, 99।14 करोड़ के रामकाल पथ के भूमिपूजन और जिला परिषद की अत्याधुनिक नई इमारत का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संपन्न हुआ। महायुति के नेता भी मंच पर मौजूद थे, लेकिन पूरे कार्यक्रम पर भाजपा की छाप स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
ठक्कर डोम में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन-नियोजन भाजपा नेताओं ने ही संभाला था। इसलिए, यह महायुति का शक्ति-प्रदर्शन दिखाई देता हुआ भी, वास्तव में भाजपा द्वारा पूरी तरह हाइजैक किया हुआ कार्यक्रम था।
चुनावी रूपरेखा और लक्ष्य नाशिक जिले की 13 नगर परिषदों के चुनाव घोषित ही चुके हैं, जबकि जिला परिषद और दो महानगरपालिकाओं के चुनाव भी होने वाले हैं। इन्हीं चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमे भाजपा सफल रही।
जिले के 15 विधायकों में नाशिक शहर में भाजपा के तीन और ग्रामीण हिस्सों में दो विधायक है। भाजपा बीते कुछ दिनों से अन्य दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में भी अपना विस्तार बढ़ा रही है और इस चुनाव में अपनी संख्या बढ़ाने की तैयारी में है, सिंहस्थ का इतना बड़ा कार्यक्रम भाजपा को अतिरिक्त राजनीतिक बल देता है। बिहार में भाजपा की बड़ी जीत से कार्यकर्ताओं का मनोवल भी बढ़ा है, जिसका लाभ नाशिक के चुनाव में मिलना तय माना जा रहा है।
नौ वर्ष पहले हुए चुनाव में भाजपा ने नाशिक महानगरपालिका में 66 नगरसेवक जीतकर स्पष्ट बहुमत से सत्ता स्थापित की थी।
जिला परिषद चुनाव में भाजपा के 15 सदस्य चुने गए थे। लेकिन मालेगाँव महानगरपालिका और जिले की नगरपालिकाओं में भाजपा की स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। इसलिए इस बार भाजपा ने कमर कस ली है और जीत हासिल करने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मंच का उपयोग कुंभमेला के कामों में रोड़ा अटकाने वाले महायुति के नेताओं को कड़ा संदेश देने के लिए भी किया, कुंभमेला के कामों की टेंडर प्रक्रिया में शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के स्थानीय पदाधिकारी बार-बार आपत्ति जता रहे है, जबकि भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शिकायत थी कि नाशिक के ठेकेदारों को काम नहीं मिल रहा है। नाशिक के पालकमंत्री पद को लेकर महायुति में पहले से ही संघर्ष चल रहा है, जिसके कारण मंत्री गिरीश महाजन को घोषित पद नहीं मिल सका था।
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सीएम ने मंच से स्पष्ट किया, कुंभमेले के सभी काम अधिकारी पारदर्शी तरीके से करेंगे, इसमे हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं है। अच्छी गुणवता का काम करने के लिए अच्छे ठेकेदारों की आवाश्यकता होगी। किसी को भी झुकता हुआ मौका (अनुधित लाभ) नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने सुचित किया कि सरकार भक्तों को सर्वोत्तम सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और माध्यमों के साथ-साथ नेताओं को भी ‘किस ठेकेदार को काम मिला, इस पर ध्यान नहीं देना घाहिए। इस तरह सीएम ने विकास कार्यों में हस्तक्षेप करने वालों को खुली चेतावनी दी।






