विधानसभा का घेराव करने जा रही कांग्रेस के 200 कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट, अजय राय बोले- गरीबों का हक मार रही सरकार

Congress Protest: लखनऊ में मनरेगा मजदूरों के भुगतान को लेकर कांग्रेस आज विधानसभा का घेराव करेगी। कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
200 Congress workers going to surround the assembly are under house arrest
अजय राय (Image- Social Media)
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UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा। पार्टी ने पहले ही ऐलान किया था कि वह मनरेगा मजदूरों के मुद्दे पर सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। सुबह से ही शहर में हलचल बढ़ गई है और कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों से इकट्ठा होने लगे हैं।

घेराव से पहले ही पुलिस ने कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोका जा सके। प्रशासन पूरे इलाके में चौकसी बरत रहा है ताकि हालात बिगड़ने न पाएं।

अजय राय की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा का घेराव मनरेगा मजदूरों को उनका भुगतान न मिलने के खिलाफ है। अजय राय ने बताया, “मनरेगा के मूल उद्देश्य को नष्ट किया जा रहा है। गरीब लोगों को 100 दिन का रोजगार और उनकी मजदूरी नहीं दी जा रही। मोदी सरकार पिछले 11-12 महीने से मजदूरी रोक रही है। गरीब परिवारों को आजीविका के साधन नहीं मिल रहे।” उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों का हक मार रही है और उनकी मेहनत की कमाई रोक रखी है।

शंकराचार्य और अन्य मामलों पर सरकार पर हमला

अजय राय ने कहा, “योगी सरकार ने हमारे पूज्यनीय शंकराचार्य का अपमान किया। बटुकों की चुटिया पकड़कर उन्हें पीटा गया, माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को तोड़ा गया और झूठ बोला गया कि मूर्ति नहीं टूटी। साथ ही दाल मंडी का ध्वस्तीकरण और लखनऊ के 600 साल पुराने मजार पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहा है।”

सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर आप देख सकते हैं कि राज्य सरकार कितनी डरी हुई है। विरोध प्रदर्शन करना लोकतंत्र में संवैधानिक अधिकार है। सरकार इसे दबाना चाहती थी, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।”

कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह विधानसभा घेराव मनरेगा मजदूरों की मजदूरी, धार्मिक सम्मान और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव डालने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया है।

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