BJP छोड़ UBT में एंट्री लेंगे गायकवाड़ दंपति? बदलेंगे राजनीतिक समीकरण, 27 नेताओं ने बदली पार्टी

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों में नेताओं की अदला-बदली शुरू है। अब भाजपा से गायकवड़ दंपति के शिवसेना यूबीटी में शामिल होने की चर्चा तेज है।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों में नेताओं की अदला-बदली शुरू है। अब भाजपा से गायकवड़ दंपति के शिवसेना यूबीटी में शामिल होने की चर्चा तेज है।
उद्धव ठाकरे से मिले गायकवड़ दंपति (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nashik News: पूर्व भाजपा नगरसेविका संगाती गायकवाड़ और उनके पति हेमंत गायकवाड़ के शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। अब तक ठाकरे गुट से आउटगोइंग लगातार होता रहा है। लेकिन पहली बार भाजपा से पूर्व नगरसेवक के आने से ठाकरे गुट को मजबूती मिली है। सोमवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम पर अब राजनीतिक चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।

नासिकरोड क्षेत्र में पहले शिवसेना का वर्चस्व था लेकिन, उसके बाद शिवसेना में विभाजन होने के कारण शक्ति बंट गई। इस दौरान भाजपा ने इस क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाई। ऐसे समय में जब ठाकरे गुट की ताकत कम हो गई थी, गायकवाड़ दंपत्ति का प्रवेश हुआ। इस प्रवेश के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि गायकवाड़ परिवार का स्थानीय मतदाताओं पर बड़ा प्रभाव है, इसलिए यह प्रवेश भाजपा के लिए बड़ा झटका साबित होगा।

बदलेंगे राजनीतिक समीकरण

इस कदम से ठाकरे गुट की नासिकरोड में पकड़ मजबूत होगी और आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है। गायकवाड़ पहले मनसे और बाद में भाजपा से निर्वाचित हुए थे। अब वे शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे गुट के कई नेता भाजपा और शिंदे गुट में चले गए। भाजपा में माजी मंत्री बबनराव घोलप, तत्कालीन जिल्हाप्रमुख सुधाकर बडगुजर, सुनील बागुल, मामा राजवाडे सहित कई नेता शामिल हुए। वहीं शिंदे गुट में महानगर प्रमुख विलास शिंदे शामिल हुए। इससे ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा। ठाकरे गुट ने खुद को पलायन रोकने का प्रयास किया, लेकिन पलायन रुक नहीं पाया। अब जब इनकमिंग शुरू हुआ है, ठाकरे गुट को कुछ राहत मिली है। इसके साथ ही मनसे की युति होने के कारण ठाकरे गुट की ताकत और बढ़ने की संभावना है।

27 नगरसेवकों ने पार्टी बदली

पिछले मनपा चुनाव में शिवसेना के 35 पार्षद चुने गए थे। इनमें से 22 ने शिंदे गुट में शामिल होकर पार्टी बदली, जबकि 5 ने भाजपा में प्रवेश किया। इस वजह से ठाकरे गुट के नगरसेवकों की संख्या कम हो गई थी। ऐसे में इसे रोकना मुश्किल था, लेकिन अब यह प्रवेश हुआ।

भाजपा के 100 प्लस का नारा प्रभावित

मनपा चुनाव में भाजपा ने इस बार 100 प्लस का नारा दिया था। पिछली बार भाजपा के 66 नगरसेवक चुने गए थे। अब इसमें 44 की भर डालने की जरूरत थी ताकि भाजपा अपनी ताकत बढ़ा सके, लेकिन गायकवाड़ों के प्रवेश ने पहले ही झटका दे दिया। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक समीकरण भी बदलने की संभावना है।

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