B-2 बॉम्बर का हमला याद है न, जिनेवा वार्ता से पहले ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी; क्या रुक पाएगा महायुद्ध?

US Iran Tension: जिनेवा में होने वाली उच्च स्तरीय परमाणु वार्ता से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने जून 2025 के विनाशकारी B-2 बॉम्बर हमलों का जिक्र कर ईरान को खुली चेतावनी दी है।
Remember the B-2 bomber attack? Trump warns Iran ahead of Geneva talks: Will nuclear war be prevented?
डोनाल्ड ट्रंप और खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Donald Trump Iran Warning: दुनिया की नजरें आज, मंगलवार को जिनेवा में होने वाली अमेरिका और ईरान की उच्च स्तरीय परमाणु वार्ता पर टिकी हैं लेकिन इस कूटनीतिक बैठक से ठीक पहले माहौल बेहद गर्म हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवर दिखाते हुए ईरान के उन जख्मों को कुरेद दिया है जिन्होंने पिछले साल तेहरान को हिलाकर रख दिया था। ट्रंप ने ईरान को जून 2025 में उसके परमाणु ठिकानों पर हुए B-2 स्टील्थ बॉम्बर के हमलों की याद दिलाई है और कहा है कि उम्मीद है ईरान ने उस 'सबक' से कुछ सीखा होगा।

'बिना हमले के एक महीने में बन जाता परमाणु बम'

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि वे जिनेवा में होने वाली इस बैठक में 'अप्रत्यक्ष रूप से' पूरी तरह शामिल रहेंगे। उन्होंने पिछले साल फोर्दो, इस्फहान और नतांज जैसे प्रमुख परमाणु केंद्रों पर हुए अमेरिकी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हमले जरूरी थे। ट्रंप के मुताबिक, अगर हम हमले न करते तो उन्होंने एक महीने के भीतर परमाणु हथियार हासिल कर लिए होते। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक 'खराब वार्ताकार' रहा है और अगर वे पहले समझदारी दिखाते तो शायद B-2 बॉम्बर भेजने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

जिनेवा बैठक में कौन-कौन होगा शामिल?

इस महत्वपूर्ण बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के अलावा अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के सलाहकार जेरेड कुशनर के शामिल होने की संभावना है। गौरतलब है कि 6 फरवरी को ओमान में दोनों पक्षों के बीच पहले दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, जिसे एक 'अच्छी शुरुआत' माना गया था। हालांकि, अमेरिका अब चाहता है कि वार्ता केवल परमाणु मुद्दों तक सीमित न रहे बल्कि इसमें ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को भी शामिल किया जाए जिस पर ईरान फिलहाल राजी नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी

ट्रंप की बयानबाजी के बीच ईरान ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। सोमवार को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि तेहरान धमकियों के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा और केवल एक 'निष्पक्ष समझौते' के लिए तैयार है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई हमला होता है तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा जिससे दुनिया का 20 प्रतिशत तेल व्यापार ठप हो सकता है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आग लग सकती है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच होने वाली जिनेवा वार्ता अब केवल एक कूटनीतिक बैठक नहीं बल्कि वैश्विक शांति के लिहाज से एक अग्निपरीक्षा बन गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com