बारामती विमान हादसा: लियरजेट 45 की जांच में बड़ा खुलासा, ब्लैक बॉक्स खोलेगा अजित पवार की मौत का राज!

Baramati Plane Crash: AAIB ने अजित पवार प्लेन हादसे की जांच पर ताजा अपडेट जारी किया है। अत्यधिक गर्मी से क्षतिग्रस्त रिकॉर्डर्स से डेटा रिकवरी के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
Ajit Pawar Plane Crash investigation
अजित पवार प्लेन क्रैश (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Plane Crash Investigation: महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे की जांच अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण तकनीकी अपडेट जारी किया है, जो इस त्रासदी के पीछे के असल कारणों का खुलासा कर सकता है। इसी हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का दुखद निधन हो गया था।

जांच एजेंसी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट 45 (VT-SSK) में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। एएआईबी ने बताया कि क्रैश के बाद विमान में लगी भीषण आग के कारण दोनों रिकॉर्डर लंबे समय तक अत्यधिक हीट (तापमान) के संपर्क में रहे, जिससे वे बाहरी रूप से काफी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं।

DFDR और CVR की जांच रिपोर्ट

डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (DFDR): एल3-संचार द्वारा निर्मित इस रिकॉर्डर का डेटा एएआईबी की प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। इससे विमान की गति, ऊंचाई और इंजन की स्थिति की सटीक जानकारी मिल सकेगी।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR): हनीवेल द्वारा निर्मित सीवीआर का परीक्षण अभी जारी है। यह रिकॉर्डर अधिक क्षतिग्रस्त है, इसलिए डेटा पुनर्प्राप्ति के लिए निर्माण देश (अमेरिका) के विशेषज्ञों और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों से तकनीकी सहायता मांगी गई है।

एएआईबी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति और एएआईबी के महानिदेशक खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर चुके हैं। एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच 'विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017' और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के तहत की जा रही है। ब्यूरो ने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अटकलों और अफवाहों से बचें।

अधिकारियों का कहना है कि इस वैज्ञानिक जांच का एकमात्र उद्देश्य दुर्घटना की कड़ी से कड़ी जोड़ना है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोका जा सके। जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसमें पारदर्शिता के साथ सभी तथ्यों को साझा किया जाएगा।

बता दें 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगाें का निधन हो गया था। इनमें दो पायलट कैप्टन सुमित कपूर, शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली व अजित पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) विदिप जाधव शामिल थे।

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