PMPML बसों में बंद पड़े डिजिटल रूट बोर्ड, यात्री रोज हो रहे परेशान, राजस्व का भी हो रहा नुकसान

Pune Bus Service: पुणे की PMPML बसों में डिजिटल साधारण रूट बोर्ड न होने से यात्री भ्रमित हैं। गलत बस में चढ़ने, उतरने और मानसिक परेशानी के साथ विभाग को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
Lack of route boards in PMPML buses causes chaos for Pune commuters. Missing digital and manual signs lead to revenue loss and passenger harassment. Authorities promise immediate action.
PMPML बसों में रूट बोर्ड न होने से यात्री परेशान फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Pune Public Transport News: पुणे की लाइफलाइन मानी जाने वाली पीएमपीएमएल बसों की बदहाली का एक नया चेहरा सामने आया है। शहर की अधिकांश बसों में गंतव्य बताने वाले 'डिजिटल रूट बोर्ड' बंद पड़े हैं, वहीं साधारण बोर्ड भी नदारद हैं।

महज 500 रुपये के रूट बोर्ड न होने के कारण यात्रियों को भारी मानसिक कष्ट उठाना पड़ रहा है, साथ ही विभाग को भी हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। रूट बोर्ड न होने के कारण यात्री भ्रमित हैं। अक्सर यात्री गलत बस में चढ़ जाते हैं और कुछ दूर जाने के बाद जब कंडक्टर उन्हें बताता है कि बस का मार्ग अलग है, तो उन्हें अगले स्टॉप पर उतरना पड़ता है।

रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि अंधेरे में बस की पहचान करना नामुमकिन हो जाता है। विभाग में कुल 321 चेकर्स (145 मुख्य और 176 सहायक) तैनात हैं। इनका काम केवल टिकट चेक करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बस पर रूट बोर्ड लगा हो और ड्राइवर नियमों का पालन करे।

हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि चेकर्स केवल बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई करने तक सीमित हैं। बोर्ड न होने से नए यात्री और पर्यटक पीएमपीएमएल के बजाय निजी वाहनों का रुख कर रहे हैं, जिससे विभाग का दैनिक राजस्व गिर रहा है।

यात्रियों की पीड़ा

बालगंधर्व से दांडेकर पुल जाने वाले यात्री आकाश राठौड़ ने बताया, बस के आगे कात्रज लिखा था, इसलिए मैं बैठ गया। पीछे कोई बोर्ड नहीं था। कंडक्टर ने मुझे गलत जगह उतार दिया और मुझे काफी पैदल चलना पड़ा।

प्रशासन का पक्ष

इस संबंध में पीएमपीएमएल की सह-व्यवस्थापकीय संचालक ऐलिस पोरे ने कहा, जिन बसों पर रूट बोर्ड नहीं हैं, वहां तत्काल बोर्ड लगाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं। जल्द ही सभी बसों पर डिजिटल और साधारण रूट बोर्ड क्रियान्वित कर दिए जाएंगे।

PMPML अधिकारियों और यात्रियों का पक्ष

  • पीड़ित यात्री आकाश राठौड़ ने बताया की बालगंधर्व से दांडेकर पुल जाना था, बस के आगे 'कात्रज लिखा कंडक्टर ने मुझे गलत जगह उतार दिया और मुझे काफी पैदल चलना पड़ा। था तो मैं बैठ गया, लेकिन पीछे बोर्ड न होने से मार्ग का पता नहीं चला।
  • पीएमपीएमएल  सह-व्यवस्थापकीय ऐलिस पोरे संचालकजिन बसों पर रूट बोर्ड नहीं है, वहां तत्काल बोर्ड लगाने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए गए हैं। जल्द ही सभी बसों पर डिजिटल और साधारण फलक क्रियान्वित कर दिए जाएंगे।
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