नासिक पुलिस का बड़ा खुलासा: पैरालिसिस अटैक का शिकार हुआ था अशोक खरात, जांच में उत्तेजक दवाओं के सेवन की पुष्टि
Ashok Kharat Paralysis Attack: नासिक के अशोक खरात को उत्तेजक दवाओं के ओवरडोज से पैरालिसिस अटैक आया था। भक्त डॉक्टर ने बीमारी छुपाई। पुलिस अब मेडिकल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।
- Written By: अनिल सिंह
Ashok Kharat Paralysis Attack (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat Drug Overdose: नासिक में यौन शोषण और धोखाधड़ी के संगीन आरोपों में घिरे स्वयंभू ज्योतिषाचार्य अशोक खरात के बारे में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि खरात न केवल महिलाओं का शोषण करता था, बल्कि अपनी शारीरिक क्षमताओं को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में उत्तेजक और शक्तिवर्धक दवाओं (Performance Enhancing Drugs) का सेवन भी करता था। इन दवाओं के अनियंत्रित और अत्यधिक सेवन (Overdose) के कारण उसे करीब डेढ़ साल पहले गंभीर ‘पैरालिसिस अटैक’ (लकवा) का सामना करना पड़ा था।
यह जानकारी सामने आने के बाद खरात की तथाकथित ‘दैवीय शक्तियों’ का ढोंग पूरी तरह बेनकाब हो गया है। जो व्यक्ति खुद को असाध्य रोगों को ठीक करने वाला बताता था, वह खुद प्रतिबंधित दवाओं के कुप्रभावों से जूझ रहा था।
शक्तिवर्धक दवाओं का ओवरडोज और पैरालिसिस अटैक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अशोक खरात अपनी यौन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लंबे समय से उत्तेजक दवाओं पर निर्भर था। इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स ने उसके तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर बुरा असर डाला। लगभग 18 महीने पहले, दवाओं के ओवरडोज की वजह से उसे अचानक पैरालिसिस अटैक आया, जिससे उसके शरीर का एक हिस्सा प्रभावित हुआ था। हालांकि, उसने इस गंभीर बीमारी को अपने भक्तों और समाज से पूरी तरह गुप्त रखा ताकि उसकी ‘चमत्कारी’ छवि को कोई नुकसान न पहुँचे।
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भक्त डॉक्टर ने किया इलाज: अस्पताल में रखा गया ‘सीक्रेट’
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खरात ने अपना इलाज नासिक के एक बेहद प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में कराया था। दिलचस्प बात यह है कि उसका इलाज करने वाला डॉक्टर खुद खरात का ‘परम भक्त’ था। इसी भक्ति के चलते डॉक्टर ने न केवल उसका उपचार किया, बल्कि अस्पताल के रिकॉर्ड्स और बीमारी की गंभीरता को भी दबाए रखा। समय पर इलाज मिलने के कारण वह लकवे से उबरने में तो सफल रहा, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि दवाओं के अत्यधिक सेवन के प्रभाव आज भी उसके शारीरिक हाव-भाव और स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
पुलिस की रडार पर ‘भक्त डॉक्टर’ और दवा विक्रेता
इस खुलासे के बाद नासिक पुलिस अब उस डॉक्टर और अस्पताल की भी जांच कर रही है जिसने खरात की बीमारी को छुपाने में मदद की। साथ ही, पुलिस उन दवा विक्रेताओं (Pharmacists) का भी पता लगा रही है जो बिना वैध पर्चे के खरात को इतनी भारी मात्रा में उत्तेजक दवाएं उपलब्ध करा रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दवाओं का अनियंत्रित सेवन हृदय गति रुकने या ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकता है, जो खरात के मामले में पैरालिसिस के रूप में सामने आया।
