Ashok Kharat Case Parvati Shinde Statement (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat Case Parvati Shinde Statement: नासिक के बहुचर्चित ठगी और यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आज खरात को चौथे आपराधिक मामले में नासिक सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस बीच, अशोक खरात की सास और फरार आरोपी कल्पना खरात की मां, पार्वती शिंदे ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
पार्वती शिंदे के बयान ने इस मामले में ‘अज्ञानता’ और ‘पारिवारिक संलिप्तता’ के दावों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
पार्वती शिंदे ने एबीपी माझा के साथ की गई बातचीत में स्पष्ट किया कि वह पिछले एक महीने से घर पर ही हैं, लेकिन उन्हें इस जांच या अशोक खरात के कृत्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कल्पना कहां है और मेरी उससे फोन पर भी बात नहीं हुई है। मैं पढ़ी-लिखी नहीं हूं, इसलिए मुझे नहीं पता कि अधिकारी क्या पूछताछ कर रहे हैं।”
जब उनसे अशोक खरात के कार्यालय और उनके द्वारा किए गए कार्यों (महिलाओं के साथ यौन शोषण) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही कल्पना को कार्यालय की गतिविधियों के बारे में कुछ पता था। हालांकि, सजा के सवाल पर उन्होंने एक अजीब टिप्पणी करते हुए कहा, “उसे सजा नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन अब उसका हिसाब कौन करेगा…?”
शिरडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद से अशोक की पत्नी कल्पना खरात पिछले 15 दिनों से फरार है। जांच एजेंसियां उसे ढूंढने में अब तक नाकाम रही हैं। अब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए कल्पना के मामा, रिश्तेदारों, दोस्तों और पुराने नौकरों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि कल्पना के पास खरात के वित्तीय साम्राज्य के कई अहम राज दफन हैं।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ बैंक खातों की जांच में आया है। शिरडी पुलिस समता पटसंस्था के 56 खाताधारकों के 100 खातों की जांच कर रही है। इनमें प्रतिभा चाकणकर (रूपाली चाकणकर की बहन) और उनके बेटे तन्मय के नाम भी शामिल थे।
प्रतिभा चाकणकर ने नोटिस मिलने से पहले ही शिरडी पुलिस स्टेशन पहुंचकर करीब 8 घंटे तक अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने दावा किया कि ये खाते पूरी तरह फर्जी हैं और उन्होंने कभी कोई खाता नहीं खुलवाया। खातों में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज (जैसे आधार/पैन) उनके असली हैं, जो उन्होंने कल्पना खरात को देवदर्शन या अन्य व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए भेजे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्पना और अशोक ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर ये बेनामी खाते खोले हैं। पुलिस अब इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ‘बैंक स्कैम’ में और कितने प्रभावशाली लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है।