अशोक खरात फिर गिरफ्तार, आठवां मामला दर्ज, न्यायालयीन कस्टडी मिलते ही पुलिस ने फिर दबोचा
Ashok Kharat: नासिक में स्वयंघोषित गुरु अशोक खरात को आठवें मामले में फिर गिरफ्तार किया गया, 18 आपराधिक मामलों के बीच पुलिस और ईडी की जांच तेज हो गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ashok Kharat (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Nashik Crime News: स्वयंघोषित आध्यात्मिक गुरु और ढोंगी बाबा अशोक खरात की सातवें मामले में पुलिस हिरासत (पीआर) की अवधि समाप्त होने पर बुधवार 29 अप्रैल को उसे जिला अदालत में पेश किया गया। लेकिन अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत (जेसी) में भेजने का आदेश दिया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे आठवें मामले में तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
महिला उत्पीड़न के सातवें मामले में जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने खरात को न्यायिक हिरासत में भेजने की विनंती की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। परंतु, एक के बाद एक सामने आ रही शिकायतों की कतार को देखते हुए पुलिस ने आठवें मामले में उसकी गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत की अनुमति के बाद अब खरात को गुरुवार 30 अप्रैल को पुनः कोर्ट में पेश किया जाएगा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक किरण बेंडभर और शैलेंद्र बागडे ने दलीलें पेश कीं।
18 मामलों का गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड
अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 18 मामले दर्ज हो चुके हैं। अपराधों की व्यापकता को देख जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। सर्वाधिक मामले नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त जिले के सिन्नर, वावी सहित अहिल्यानगर (शिर्डी, रहाता) और ठाणे पुलिस में भी मुकदमे दर्ज हैं। सरकारवाड़ा थाने में दर्ज महिला उत्पीड़न के 8 और धोखाधड़ी के 1 मामले सहित कुल 9 प्रमुख मामलों की जांच विशेष जांच दल कर रही है।
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सुरक्षा कारणों से हवालात में ही मुकाम
18 मार्च को गिरफ्तारी के बाद से खरात लगातार एसआईटी की हिरासत में है। गौर करने वाली बात यह है कि खरात की जान को खतरा होने की संभावना के कारण, उसे तकनीकी रूप से ‘न्यायालयीन कस्टडी‘ मिलने के बावजूद सेंट्रल जेल नहीं भेजा जाता, बल्कि तुरंत दूसरे मामले में पुलिस कस्टडी में ले लिया जाता है। इस कारण पिछले एक महीने से उसका ठिकाना पुलिस हवालात ही बना हुआ है।
ईडी (ED) की भी पैनी नजर
पुलिस के साथ-साथ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी खरात के वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए सक्रिय हो गई हैं। गुरुवार को महिला उत्पीड़न के अंतिम (आठवें) मामले में उसे पेश किया जाएगा। इसके बाद एसआईटी की जांच पूरी होने पर खरात को अहिल्यानगर पुलिस को सौंपा जाएगा या वह नासिक में ही रहेगा, इस पर अब पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं।
