Nashik News: नासिक जिले से था अजितदादा पवार का विशेष जुड़ाव, कई नेताओं से रहे करीबी संबंध
NCP Nashik Leader: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार का नासिकजिले से गहरा राजनीतिक और विकासात्मक जुड़ाव रहा, जहां उनके नेतृत्व और समन्वयकारी भूमिका ने जिले की राजनीति को विशेष दिशा दी।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ajit Pawar Nashik connection (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ajit Pawar Nashik Connection: पिछले साढ़े चार दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले राज्य के उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार का बुधवार को बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर नासिकजिले के लिए भी गहरे सदमे की तरह सामने आई। इस घटना के बाद जिले के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त करते हुए उनसे जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं। कुछ नेताओं ने उनकी सख्त कार्यशैली और आत्मअनुशासन से जुड़े किस्से भी सुनाए और उन्हें राजनीति का ‘दादा’ बताया।
अजितदादा पवार का नाम केवल पुणे ही नहीं, बल्कि नासिकजिले के संदर्भ में भी प्रमुखता से लिया जाता रहा है। राजनीतिक समीकरणों, संगठनात्मक मजबूती और विकास कार्यों के कारण नासिकजिला उनके लिए विशेष महत्व रखता था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में आए राजनीतिक बदलावों के बाद कई पुराने और नए नेताओं ने अजित पवार के नेतृत्व पर भरोसा जताया, जिसमें नासिकजिले के नेताओं की भूमिका उल्लेखनीय रही। विधानसभा चुनावों में जिले से बड़ी संख्या में उनके गुट से जुड़े प्रतिनिधियों के निर्वाचित होने से नासिकका राजनीतिक महत्व और अधिक बढ़ गया।
विभिन्न गुटों के बीच संतुलन साधने की उनकी क्षमता
नासिक जिले में कुल 15 विधायक हैं, जिनमें से सात विधायक अजित पवार के गुट से जुड़े माने जाते हैं। इसी राजनीतिक ताकत के चलते जिले को मंत्रिमंडल में बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में होती रही है। इससे नासिकऔर अजित पवार के बीच एक अलग ही राजनीतिक रिश्ता विकसित हुआ। निफाड के विधायक दिलीप बनकर और कळवण के विधायक नितीन पवार के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे। वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और नरहरी झिरवाल के साथ भी उन्होंने हमेशा सम्मानजनक और संतुलित संबंध बनाए रखे। जिले में विभिन्न गुटों के बीच संतुलन साधने की उनकी क्षमता कई बार देखने को मिली।
सम्बंधित ख़बरें
NCP को लगेगा अब तक का सबसे बड़ा झटका? भाजपा में शामिल होंगे 40 लोग, कांग्रेस के बयान से मचा हड़कंप
आरटीई छात्रों से अवैध फीस वसूली की शिकायतें तेज, अमरावती में निजी स्कूलों पर शुल्क लेने के आरोप
चिखलदरा में एसटी चालक पर हमला, आरोपी को कोर्ट ने ठहराया दोषी, 10 साल पुराना मामला
संगमनेर जल संकट पर सख्त हुए विखे पाटिल, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
एक समन्वयक और मार्गदर्शक नेतृत्व
उन्होंने समय-समय पर माणिकराव कोकाटे को समर्थन दिया, वहीं विधायक हिरामण खोसकर और सरोज अहिरे जैसे स्थानीय नेताओं को भी उनका मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहा। इससे नासिकजिले में उनका प्रभाव केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित न रहकर एक समन्वयक और मार्गदर्शक नेतृत्व के रूप में स्थापित हुआ।
अजित पवार की मित्रता और संबंध केवल अपने दल तक सीमित नहीं थे। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी उनके सौहार्दपूर्ण रिश्ते रहे, जिनमें से कुछ अत्यंत आत्मीय थे। इसके अलावा सामाजिक, शैक्षणिक और खेल संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ भी उनके करीबी संबंध थे।
ये भी पढ़े: कुंभमेला प्रशासन पर साधु-संतों की नाराजगी, गिरीश महाजन ने संतों को समाधान का दिया भरोसा
भौगोलिक, धार्मिक और औद्योगिक दृष्टि से नासिकजिला राज्य का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सिंचाई परियोजनाओं, सड़क विकास, कृषि उन्नयन और औद्योगिक निवेश जैसे विषयों पर राज्य स्तर पर पहल करने में अजित पवार की सक्रिय भूमिका रही, ऐसा उनके समर्थक बताते हैं। इसी कारण नासिक और अजित पवार का संबंध केवल राजनीतिक न रहकर विकास और पारस्परिक विश्वास पर आधारित माना जाता है।
