ST महामंडल के 11 अधिकारियों का तत्काल निलंबन, कार्य में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई
ST Officers Suspended: नासिक ST महामंडल में गंभीर अनियमितताओं के खुलासे के बाद 11 अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया गया। कार्रवाई से विभाग में हड़कंप, कामकाज और वेतन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
नासिक एसटी (फोटो नवभारत)
Nashik ST Officers Suspended: एसटी महामंडल द्वारा गठित योजना समिति की जांच में कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने के बाद नासिक विभागीय कार्यालय के कुल 11 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित अधिकारियों में क्लास-1 श्रेणी के 3 तथा क्लास-2 श्रेणी के 8 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस कार्रवाई से ST महामंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
अचानक निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियां
कई वर्षों से घाटे में चल रहे ST महामंडल को लाभ में लाने, आय बढ़ाने तथा खर्च कम करने के उद्देश्य से योजना समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों, योजना अधिकारी तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के महाप्रबंधक ने 10 जून को नासिक विभागीय कार्यालय के साथ ही इगतपुरी और पंचवटी डिपो का अचानक निरीक्षण किया था।
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इस दौरान विभिन्न विभागों के कार्य में गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई। समिति द्वारा प्रस्तुत गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर महामंडल ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
नोटिस लेने से किया परहेज
गुरुवार 2 जुलाई दोपहर निलंबन की सूचना नासिक कार्यालय पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस देने का प्रयास किया। लेकिन देर शाम तक कई अधिकारियों ने नोटिस स्वीकार करने से परहेज किया। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि शुक्रवार 3 जुलाई को भी नोटिस स्वीकार नहीं किया गया तो उसे संबंधित अधिकारियों के घर के पते पर डाक के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
कुछ अधिकारी पहुंचे मुंबई
निलंबन के आदेश मिलने की जानकारी मिलते ही कुछ अधिकारी अपना पक्ष रखने और निलंबन टालने के प्रयास में सीधे मुंबई रवाना हो गए। विभागीय कार्यालय में इस बात की भी जोरदार चर्चा है कि उन्होंने अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
पक्ष रखने के लिए मिलेगा 89 दिनों का समय
निलंबित अधिकारियों को अपने वरिष्ठों के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के बाद समिति के लिए 89 दिनों के भीतर उनकी बात सुनना अनिवार्य होगा। हालांकि समिति द्वारा जांच के लिए बुलाए जाने तक उनका निलंबन प्रभावी रहेगा।
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कर्मचारियों के वेतन पर पड़ सकता है असर?
निलंबित अधिकारियों में नासिक विभाग के लगभग सभी प्रमुख विभागों के प्रमुख शामिल हैं। ऐसे में विभाग का दैनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी सप्ताह कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होना है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि वेतन समय पर मिलेगा या उसमें देरी होगी। साथ ही डीजल आपूर्ति और बसों की मरम्मत व्यवस्था पर भी इस कार्रवाई का असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
