कंपनी की लापरवाही से मजदूर की मौत, लोहे की प्लेट ने ली जान, कंपनी गेट पर शव रखकर आंदोलन
Nagpur Industrial Accident: नागपुर के कामठी क्षेत्र में कंपनी प्रबंधन की लापरवाही से एक मजदूर की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने कंपनी गेट पर शव रखकर आंदोलन किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Worker death due to negligence, :नागपुर के कामठी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Kamthi Worker Death: कामठी तहसील के कवठा स्थित ट्रूफॉर्म टेक्नो प्रोडक्ट प्रा. लि. कंपनी में लापरवाह, अमानवीय और गैर-जिम्मेदार प्रबंधन के चलते एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद कंपनी मालिक द्वारा दिए गए कथित असंवेदनशील बयान से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने मृतक का शव कंपनी गेट के सामने रखकर धरना आंदोलन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार टेकाड़ी निवासी प्रमोद नत्थुजी बोराडे (45) पिछले आठ वर्षों से उक्त कंपनी में कार्यरत थे। आरोप है कि कंपनी में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का घोर अभाव था। देर रात काम के दौरान एक भारी लोहे की प्लेट अचानक उनके पेट पर गिर पड़ी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
मृत देह को कंपनी गेट पर लाकर धरना
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कंपनी से इलाज का खर्च और मुआवजे की मांग की, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसी बीच परिजनों ने आरोप लगाया कि कंपनी मालिक ने फोन पर कहा, “उसे मरना ही था, इसलिए हमारी कंपनी में आया।” इस कथित अमानवीय बयान से लोगों में भारी रोष फैल गया। आक्रोशित परिजनों ने मृत देह को कंपनी गेट पर लाकर धरना शुरू कर दिया, जिसमें रिश्तेदारों, सहकर्मी मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।
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सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में सेफ्टी किट, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं नहीं हैं, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में डाली जा रही है। मृतक प्रमोद बोराडे अपने पीछे पत्नी और एक नाबालिग बेटी को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आंदोलनकारियों ने दोषियों पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने, कंपनी को सील करने और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
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अस्पताल में भी तनाव की स्थिति
इस बीच कामठी उप-जिला अस्पताल में भी तनावपूर्ण माहौल बना रहा। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिससे कंपनी अधिकारियों और परिजनों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कंपनी परिसर और अस्पताल में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया।
