नागपुर में मानसून की दस्तक के साथ ही ‘लाल’ हुईं सब्जियां; रसोई का बजट बिगड़ा, 30% तक बढ़े दाम
Nagpur Vegetable Price Rise: नागपुर में मानसून शुरू होते ही सब्जियों की कीमतों में 25-30% तक बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय आवक घटने से मंडियां अब बाहरी राज्यों से आने वाली सप्लाई पर निर्भर हो गई हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
सब्जी महंगाई, मानसून असर, नागपुर मंडी,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Monsoon Impact Vegetable Price Rise: नागपुर जिले में मानसून की शुरुआत होते ही आम जनता की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। बारिश के कारण थोक मंडियों में सब्जियों की आवक पर सीधा असर पड़ा है, जिससे कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक की भारी तेजी आई है।
थोक बाजार के व्यापारियों तथा मंडी से जुड़े जानकारों के अनुसार, यह स्थिति नागपुर जिले और इसके आसपास के इलाकों से होने वाली स्थानीय आवक लगभग ठप होने के कारण बनी है। व्यापारियों के अनुसार हर साल बारिश के मौसम में स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक प्रभावित होती है। इस बार भी नागपुर के आसपास के क्षेत्रों से होने वाली लोकल आवक घटकर महज 5 प्रतिशत तक रह गई है।
स्थानीय किसानों के पास फिलहाल माल न के बराबर है, जिससे मंडियां पूरी तरह से बाहरी राज्यों और अन्य जिलों से आने वाली गाड़ियों पर निर्भर हो गई हैं। छत्तीसगढ़, एमपी और बेंगलुरु से हो रही है आपूर्ति नागपुर में इस समय सब्जियों की मांग को पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों से आयात किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ से मुख्य रूप से कुंदरू, लौकी, बीन्स और तुरई जैसी सब्जियों की खेप पहुंच रही है।
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वहीं मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी सब्जियों की आवक जारी है। टमाटर की आवक मुख्य रूप से दक्षिण भारत के बेंगलुरु, मदनपल्ली और चिकमगलूर से हो रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र के भीतर संगमनेर, नाशिक, बुलढाणा और अहमदनगर जैसे क्षेत्रों से भी कुछ मात्रा में सब्जियां मंडी में पहुंच रही हैं।
सितंबर से पहले नहीं की जा सकती राहत की उम्मीद
मानसून के दौरान कीमतों में इस तरह का उछाल आता ही है। इस बार सब्जियां थोक बाजार में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक महंगी हुई है। आगे दाम और बढ़ेंगे क्योंकि स्थानीय आवक 5 प्रतिशत तक ही रह गई है।
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अच्छी बारिश होने के बाद किसान खेतों में दोबारा बीजों की बुआई शुरू करेंगे। अगस्त महीने तक फसलों की रोपाई पूरी होगी, सितंबर महीने से नई स्थानीय फसल बाजार में आना शुरू होगी। इसलिए सितंबर की शुरुआत से ही बाजरों में स्थानीय आवक दोबारा सुधरने की उम्मीद है।
– सचिव महात्मा फुले सब्जी व फल आढ़तिया एसोसिएशन, राम महाजन
थोक बाजार में सब्जियों के मौजूदा भाव
| क्रमांक | सब्जी | भाव (₹ प्रति किलो) |
|---|---|---|
| 1 | टिंडा | 40 |
| 2 | बीन्स | 70 |
| 3 | फूलगोभी | 35 – 40 |
| 4 | भिंडी | 40 – 50 |
| 5 | लौकी | 20 – 25 |
| 6 | करेला | 30 – 50 |
| 7 | पत्तागोभी | 15 – 20 |
