Nagpur News: नागपुर, अमरावती के लिए जल प्रबंधन योजना, मंत्री बावनकुले जलसंकट के संबंध में करेंगे बैठक
राजस्व मंत्री तथा दोनों जिलों के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि नागपुर तथा अमरावती जिलों में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए जलापूर्ति योजना तैयार की गई है तथा प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
मंत्री बावनकुले जलसंकट के संबंध में करेंगे बैठक (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: राजस्व मंत्री तथा दोनों जिलों के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि नागपुर तथा अमरावती जिलों में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए जलापूर्ति योजना तैयार की गई है तथा प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई गई है कि नागपुर और अमरावती शहरों सहित जिले को पर्याप्त पानी मिले।
गर्मी के मौसम में जिले में कहीं भी टैंकर से जलापूर्ति की जरूरत न पड़े, इसके लिए 37 करोड़ रुपए की योजना तैयार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की किल्लत को लेकर 22 मार्च को बैठक होगी। वे नागपुर के जिला योजना भवन में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
रेत नीति एक सप्ताह के भीतर
राज्य सरकार द्वारा इस सप्ताह मंत्रिमंडल के समक्ष समग्र रेत नीति पेश करने की घोषणा करते हुए बावनकुले ने कहा कि राज्य में जिन रेत घाटों की नीलामी नहीं हुई है और जहां पर्यावरण विभाग की मंजूरी मिल गई है, वहां रेत घाट शुरू करने का निर्णय नई रेत नीति को मंजूरी मिलने के बाद लिया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में अगले 4 दिन होगी आफत की भारी बारिश! इन जिलों में अलर्ट जारी
वो शरणार्थी नहीं, धर्म के योद्धा थे! भारत-पाक विभाजन पर बोले RSS चीफ मोहन भागवत, सिंधी समाज को लेकर कही ये बात
कोटेदारों ने की मुख्य सचिव से शिकायत, सड़े गले चावल कैसे बांटे साहब, इसे जानवर ही खा सकते हैं, गरीब लोग नहीं
टमाटर के तीखे तेवर हुए नरम! 60 रूपए से घटकर 20 रूपए किलो पर आया दाम; नागपुर के आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…
राज्य में एम-सैंड योजना
केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा राज्य में बड़ी संख्या में आवास इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इस घरकुल योजना के तहत घरों के लिए बड़ी मात्रा में रेत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार जल्द ही एम-सैंड योजना भी शुरू करेगी। यह रेत राज्य के हर जिले में स्टोन क्रशर के माध्यम से पत्थरों को पीसकर तैयार की जाएगी। बावनकुले ने दावा किया कि वैकल्पिक रेत की उपलब्धता से पारंपरिक नदी रेत की मांग कम हो जाएगी।
