टीईटी परीक्षा (AI Generated image)
Maharashtra TET News 2026: सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद जहां प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, वहीं अब राज्य सरकार ने शिक्षक संवर्ग में पदोन्नति के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक परिषद ने शालेय शिक्षण विभाग से वरिष्ठ शिक्षकों को कुछ राहत देने की मांग की है।
महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद, प्राथमिक विभाग ने राज्य परीक्षा परिषद के अध्यक्ष नंदकुमार बेडसे से मुलाकात कर वरिष्ठ शिक्षकों को 15 फीसदी अंकों की राहत देने की मांग उठाई। टीईटी परीक्षा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त और भटक्या जातियों, दिव्यांगों को 5 फीसदी की छूट दी जाती है, जबकि पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की पत्नियों को 15 फीसदी की छूट दी जाती है।
परिषद ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और निजी शिक्षण संस्थाओं में काम कर रहे 15 वर्षों या उससे अधिक सेवा वाले वरिष्ठ शिक्षकों को भी मानसिकता, आयु और पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए 15 फीसदी अंक की छूट दी जाए। इस तरह की सहूलियत मिलने पर कार्यरत शिक्षक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं, जिससे उन्हें 45 फीसदी अंक प्राप्त करने में राहत मिलेगी।
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राज्य परीक्षा परिषद द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) वर्ष में दो बार ली जाएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तरह जो सीटीईटी परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित करता है, उसी तर्ज पर राज्य में भी टीईटी परीक्षा की प्रणाली लागू की जाएगी। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा जा गया है। पहली टीईटी परीक्षा इस वर्ष जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है, जिससे शिक्षकों को राहत मिलेगी।
तब तक स्कूलों में परीक्षाओं का दौर भी खत्म हो जाता है। इस हालत में शिक्षकों को तैयारी करने का अवसर मिल सकेगा। फिलहाल शिक्षकों में टीईटी को लेकर टेंशन देखा जा रहा है। शिक्षकों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से परीक्षा वर्ष में दो बार कराने का निर्णय लिया गया है।