बकाया 7,500 करोड़ की उद्योग सब्सिडी जल्द दें, वीआईए के दल ने पी. अनबलगन से की मुलाकात

Vidarbha Industries: वीआईए ने उद्योग सचिव पी. अनबलगन से मुलाकात कर 7,500 करोड़ रुपये की बकाया सब्सिडी जल्द जारी करने और विदर्भ के औद्योगिक विकास के लिए मेगा प्रोजेक्ट पात्रता में राहत मिलेगी।
वीआईए के दल ने अनबलगन से की मुलाकात
वीआईए के दल ने अनबलगन से की मुलाकात (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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VIA Nagpur: राज्य के उद्योगों को करीब 7,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी बकाया है। अप्रैल 2025 से किसी भी उद्योग को सब्सिडी प्रदान नहीं की गई है, जिससे उद्योगों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। विदर्भ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (वीआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर प्रधान सचिव (उद्योग) पी. अनबलगन से मुलाकात की।

वीआईए अध्यक्ष प्रशांत मोहता ने बताया कि एमएसएमई सब्सिडी अप्रैल 2025 से लंबित है, जबकि बड़े व मेगा प्रोजेक्ट्स की सब्सिडी जनवरी 2023 से अटकी हुई है। उन्होंने वित्तीय संकट और इकाई बंदी की आशंका जताते हुए 6 महीने की अनिवार्य सब्सिडी वितरण समयसीमा लागू करने की मांग की।

विदर्भ के औद्योगिक विकास के लिए पेश की प्लानिंग

इसके अलावा वीआईए ने महाराष्ट्र सरकार की नई औद्योगिक नीति व प्रोत्साहन पैकेज में विदर्भ के दीर्घकालिक औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने एमएसएमई को सशक्त बनाने, ताजा निवेश आकर्षित करने, रोजगार निर्माण बढ़ाने और सतत औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने हेतु संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

विकास को गति देने वाली प्रमुख मांगें

  • विदर्भ को ‘मेगा प्रोजेक्ट’ स्टेटस में राहत
  • निवेश सीमा : 350 करोड़ से घटाकर 150 करोड़
  • रोजगार मानदंड : 500 श्रमिकों से घटाकर 250 श्रमिक
  • इसके अलावा 100 से अधिक रोजगार देने वाली एमएसएमई इकाइयों को भी मेगा-स्तरीय प्रोत्साहन देने की मांग की गई है।
  • जीएसटी आधारित प्रोत्साहन की बजाय विकल्प आधारित मॉडल
  • वर्तमान मॉडल निर्यातकों व कृषि-आधारित उद्योगों के लिए नुकसानदायक बताया गया।

प्रस्तावित विकल्प:

  • 100% SGST रिफंड
  • अंतरराज्यीय बिक्री पर अतिरिक्त 2%
  • 50% पूंजीगत सब्सिडी विकल्प
  • निर्यात लॉजिस्टिक्स सब्सिडी
  • 50% निर्यात शर्त हटाकर सभी निर्यातकों को लाभ देने की मांग।
  • महिला नेतृत्व वाला औद्योगिक पार्क
  • भूमि, वित्त तक पहुंच और कौशल विकास के साथ समर्पित महिला उद्यमी पार्क।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था नीति
  • रीसाइक्लिंग और “वेस्ट टू वेल्थ” यूनिट्स हेतु—
  • 40% पूंजीगत सब्सिडी
  • 5% ब्याज सब्सिडी

निवेश व नीतिगत न्याय संबंधी मांगें

एमआईडीसी भूमि के पुनर्विक्रय मूल्य को पात्र निवेश में शामिल किया जाए,क्षेत्रीय प्रोत्साहनों को पीएसआई से न जोड़कर अतिरिक्त रखा जाए (टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, IT आदि),वीआईए ने उम्मीद जताई है कि लंबित सब्सिडी वितरण और नीतिगत सुधार लागू होने से विदर्भ की वर्षों से रुकी औद्योगिक क्षमता को गति मिलेगी।

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