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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नागपुर के उद्योगों को बड़ी राहत, MIDC लीज ट्रांसफर पर GST नहीं
- Written By: अंकिता पटेल
Nagpur Industries News: सुप्रीम कोर्ट ने MIDC लीजहोल्ड अधिकार ट्रांसफर पर GST लगाने के खिलाफ हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिससे नागपुर के उद्योगों को बड़ी राहत मिली।

नागपुर उद्योग, एमआईडीसी जमीन,(सोर्स: सौजंय AI)
Nagpur Industries MIDC Leasehold: नागपुर महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र खासकर नागपुर के एमआईडीसी उद्योगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने उस स्पेशल लौव पिटीशन को खारिज कर दिया है जिसमें राजस्व विभाग ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें औद्योगिक जमीन के लीजहोल्ड अधिकारों के ट्रांसफर पर जीएसटी लगाने को गलत ठहराया गया था।
यह फैसला नागपुर सहित महाराष्ट्र के हजारों उद्योगों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है जो एमआईडीसी की लंबी अवधि की लीज पर संचालित हो रहे हैं। कोर्ट ने यह माना कि जब लीजहोल्ड अधिकार स्थायी रूप से ट्रांसफर हो जाते हैं तो मूल लौजधारक के अधिकार पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं।
ऐसे में इसे संपत्ति अधिकारों का ट्रांसफर माना जाएगा, न कि किराये या सेवा की श्रेणी में। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उद्योजकों ने स्वागत किया है। इस फैसले का सीधा असर नागपुर के बूटीबोरी, हिंगना, कलमेश्वर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ने वाला है जहां हजारों कंपनिर्वा एमआईडीसी की लीजहोल्ड जमीन पर काम कर रही हैं।
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वित्तीय बोझ में कमी आएगी
यह ऐतिहासिक निर्णय एमआईडीसी क्षेत्रों में कार्यरत उद्योगों के लिए आवश्यक स्पष्टता और राहत प्रदान करता है। ऐसे लेन-देन को जीएसटी के तहत सप्लाई नहीं बल्कि अचल संपत्ति के हस्तांतरण के रूप में मान्यता देने से अनावश्यक मुकदमेबाजी और वित्तीय बोझा में कमी आएगी, यह निर्णय व्यवसाय करने में सुगमता और नीतिगत स्थिरता के महत्व को भी सुदुद करता है।
हमें आशा है कि यह निर्णय निवेशक अनुकूल सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेगा तथा एमआईडीसी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और परिसंपति के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करेगा, एमआईडीसी प्रॉपर्टी डील्ला में स्पष्टता आएगी। उद्योगों की बिक्री और पुनर्गठन आसान होगा निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।
-एमआईए, अध्यक्ष, पी.मोहन
उद्योगों को बड़ा फायदा
यह फैसला उद्योगों को करोड़ों रुपये की संभावित जीएसटी देनदारी से बचारना, महाराष्ट्र के उद्योग जगत के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में उद्योग एमआईडीसी की सरकारी लीजहील्ड जमीन पर संचालित होते हैं। इससे उद्योजक अब बिना बोझ के काम कर सकेंगे। पहले यह बिना वजह बोझ की तरह था।
– बीएमए, अध्यक्ष, किशोर मालवीय
यह भी पढ़ें:-ट्रैफिक सुधार के लिए प्रशासन सख्त, हिंगना में बुलडोजर एक्शन; सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया अतिक्रमण
लघु और मध्यम उद्योगों को भारी राहत
बैंबर ऑफ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (कोसिया। इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करता है। इससे अपने भूमि स्वामित्व को सुव्यवस्थित या स्थानांतरित करने वाले लघु और मध्यम उत्तांगों को भारी राहत मिलेगी। लीजहोल्ड अधिकारों पर 18% की दर से जीएसटी लगाना खरीदार के लिए एक बड़ा बोझ था क्योंकि इस पर कोई सेट-ऑक (इनपुट टैक्स क्रेडिट) नहीं मिलता था, इसने औद्योगिक भूमि के लीजहोल्ड अधिकारों के कई हस्तांतरणों की हतोत्साहित किया था।
-सीए जुल्फेश शाह, अध्यक्ष कोसिया विदर्भ
Supreme court industries midc leasehold gst relief nagpur
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