74 वर्षीय लकवाग्रस्त बुजुर्ग को SC से राहत; कुल्हाड़ी से हमले के आरोप में गिरफ्तारी होने पर जमानत का आदेश
Nagpur Supreme Court: नागपुर के खेत विवाद मामले में 74 वर्षीय लकवाग्रस्त बुजुर्ग को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। गिरफ्तारी की स्थिति में 25 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश जारी किया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
सुप्रीम कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Attack Case Bail Relief: नागपुर खेत के रास्ते को लेकर हुए एक हिंसक विवाद में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने 74 वर्षीय लकवाग्रस्त बुजुर्ग विष्णुपंत गणपत इंगले पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया। मामले में जमानत के लिए विष्णुपंत ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था किंतु यहां पर राहत नहीं मिलने के कारण हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की।
इस पर सुनवाई के बाद सुको के न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश विजय बिश्नोई ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। साथ ही यदि संबंधित मामले में याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी होती है तो उन्हें 25 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया। याचिकाकर्ता विष्णुपंत की ओर से अधिवक्ता मनन डागा, आकृति चौबे और राजेंद्र डागा ने पैरवी की।
लकवाग्रस्त बुजुर्ग पर कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में उठे सवाल
लकवाग्रस्त बुजुर्ग कैसे चला सकता है कुल्हाड़ी? सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका में विष्णुपंत की पैरवी कर रहे अधि। मनन डागा ने पुलिस की इस थ्योरी पर गंभीर सवाल उठाए है, याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विष्णुपंत 74 वर्ष के वृद्ध है और उन्हें ‘इस्केमिक स्ट्रोक’ (मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में खून का थक्का जमना) और ‘राइट हेमीपैरिसिस’ (शरीर के दाहिने हिस्से में लकवा) जैसी गंभीर बीमारियां है।
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बचाव पक्ष का तर्क है कि यह कतई संभव नहीं है कि एक लकवाग्रस्त और बीमार बुजुर्ग कुल्हाड़ी उठाकर किसी व्यक्ति के सिर पर जानलेवा हमला कर सके, उनका दावा है कि जमीन के पुराने विवाद के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उक्त आदेश जारी किया।
6 दिन बाद हुई एफआईआर
अभियोजन पक्ष के अनुसार 7 मार्च 2026 को शाम करीब 4 बजे यह हिंसक घटना घटी। शिकायतकर्ता सूर्यभान इंगले अपने भतीजों (प्रवीण और शुभम) और एक महिला मजदूर सुभद्रा धुर्वे के साथ बैलगाड़ी और ट्रैक्टरों से खेत की ओर जा रहे थे। आरोप है कि विष्णुपंत के खेत की सीमा के पास पहुंचने पर आरोपियों ने उनके ट्रैक्टरों का रास्ता रोक लिया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान विष्णुपंत गुट के 10 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। सबसे गंभीर आरोप 74 वर्षीय विष्णुपंत पर है कि उन्होंने कुल्हाड़ी से बलिराम इंगले के सिर पर वार किया जिससे उनके सिर से खून बहने लगा और उन्हें गंभीर चोटें आई। इस घटना को लेकर 6 दिन की देरी से 13 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
