

Maharashtra Legislative Council Bill: राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों पर लागू करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र विधान परिषद में भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया गया, जिसे आम तौर पर ‘शक्ति कानून’ के नाम से जाना जाता है। यह महत्वपूर्ण विधेयक साक्षरता से पारित हुआ।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे के लगातार प्रयासों को अहम माना जा रहा है। विचार पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्ती से रोकने लगाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘शक्ति कानून’ को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं और अब इसके क्रियान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार ने वर्ष 2023 में ही इस कानून का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन देश में नए आपराधिक कानून लागू होने की प्रक्रिया के कारण इसे कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। इसके बाद डॉ. नीलम गोर्हे ने इस विषय को जुर्माना से सही हुए केंद्र और राज्य के कानूनों के बीच तालमेल बनाने की मांग की।
नए कानून में कई अहम प्रावधान जोड़े गए हैं। विशेष रूप से एसिड अटैक पेंशन की पहचान को गोपनीय रखने और डिजिटल माध्यमों से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान शामिल किया गया है। इससे यह कानून पहले की तुलना में ज्यादा सशक्त और प्रभावी बन गया है।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर कई महत्वपूर्ण बैठकें भी आयोजित की गईं, जिनमें विभागीय और सीनियर अधिकारियों के सुझावों को शामिल किया गया। सरकार को उम्मीद है कि इस कानून के लागू होने से राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर नियंत्रण लगेगा और पेंशन को तेजी से न्याय मिल सकेगा।