दक्षिण नागपुर: मतदाताओं का मिला-जुला प्रतिसाद, सुबह 10.30 बजे के बाद उतरा जोश
Nagpur Municipal Election 2026: दक्षिण नागपुर में मनपा चुनाव के दौरान मतदान को मिला-जुला प्रतिसाद मिला, जहां सुबह के बाद उत्साह कम हुआ और मतदाता सूची की गड़बड़ियों ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
- Written By: आंचल लोखंडे
दक्षिण नागपुर (सौ. सोशल मीडिया )
South Nagpur Voting: नागपुर महानगरपालिका चुनाव-2025 के तहत दक्षिण नागपुर क्षेत्र में गुरुवार को मतदान का दिन उत्साह, उदासीनता और अव्यवस्थाओं के मिले-जुले रंगों में रंगा नजर आया।
प्रभाग 15, 16, 37 और 46 के अंतर्गत मनीषनगर, नरेंद्रनगर, स्नेहनगर, देवनगर, शंकरनगर, शिवाजीनगर, गोपालनगर, प्रतापनगर, सोनेगांव और जयताला जैसे इलाकों में सुबह मतदान केंद्रों पर चहल-पहल दिखाई दी, लेकिन यह जोश ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सका। आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुए मनपा चुनाव से मतदाताओं में भारी उत्साह की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत इसके उलट नजर आई।
मार्निंग वॉक से वोटिंग की ओर
मतदान दिवस की शुरुआत ‘मार्निंग वॉक से वोटिंग’ जैसी तस्वीरों के साथ हुई। पार्कों और सड़कों पर टहलने निकले वरिष्ठ नागरिक सीधे मतदान केंद्रों की ओर जाते दिखे। अधिकांश बुजुर्ग मतदाताओं ने सुबह के शुरुआती घंटों में ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया। उनका कहना था कि भीड़ से बचने और कर्तव्य निभाने के लिए सुबह मतदान करना बेहतर विकल्प है।
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युवाओं ने दिखाई पीठ
युवाओं में लोकसभा और विधानसभा चुनाव जैसा उत्साह इस बार नजर नहीं आया। मतदान केंद्रों के बाहर पार्टी बूथों पर कंप्यूटर लेकर बैठे युवा कार्यकर्ता मतदाता सूची खंगालते दिखे, लेकिन मतदान करने पहुंचे मतदाताओं में अधेड़ और वृद्धों की संख्या ज्यादा रही।
कहीं नजर आया जोरदार माहौल
सुबह के पहले तीन घंटों तक मतदान केंद्रों पर अच्छी हलचल रही, लेकिन जैसे ही घड़ी ने 10.30 बजाया, मतदान की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। कुछ इलाकों में भाजपा के बूथों पर अपेक्षाकृत अधिक गतिविधि दिखी, जबकि कई जगह कांग्रेस के बूथ सूने नजर आए। हालांकि गोपालनगर जैसे कुछ क्षेत्रों में स्थिति इसके उलट रही।
मतदाता सूची ने फिर किया परेशान
एक बार फिर मतदाता सूची मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बनी। कई लोगों ने शिकायत की कि उनका नाम ऑनलाइन पोर्टल पर मौजूद था, लेकिन मतदान केंद्र की सूची में नहीं मिला। खासकर युवाओं के वोटिंग कार्ड अपडेट न होने, टाइपिंग मिस्टेक, नाम की स्पेलिंग, सरनेम में अंतर या अधूरे नाम के कारण कई मतदाता मतदान से वंचित रह गए।
वोटिंग का मूड हुआ खराब
प्रभागों और बूथों में बदलाव ने भी मतदाताओं को भ्रमित किया। कई लोग पुराने मतदान केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि उनका बूथ बदल चुका है। कुछ जगहों पर केंद्र वही था, लेकिन कक्ष (रूम नंबर) बदल जाने से लोगों को धूप में भटकना पड़ा। लंबी पूछताछ और असुविधा के बाद कई मतदाता नाराज होकर बिना वोट डाले लौट गए।
उदासीनता से बोर हुए बूथ कर्मी
- बजाजनगर के एक मतदान केंद्र पर उदासीनता इस कदर दिखी कि बूथ कर्मी तक बोर नजर आए। हर गट में करीब 800 मतदाता होने के बावजूद सुबह 11.30 बजे तक मतदान बेहद कम रहा। दोपहर 12 बजे तक मतदान प्रतिशत 15 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच सका। केंद्र पर सन्नाटा साफ दिखाई दे रहा था।
- कुल मिलाकर दक्षिण नागपुर में मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कम मतदान प्रतिशत, युवाओं की उदासीनता और मतदाता सूची की खामियों ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
गुड़धे के गढ़ में पहुंचे मुख्यमंत्री
जयताला स्थित महानगरपालिका स्कूल का मतदान केंद्र शहर के अग्रणी मतदान केंद्रों में गिना जाता है। यहां मतदान के दौरान माहौल मेले जैसा रहता है। पूरे दिन कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जयताला पहुंचे और भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
सोनेगांव स्थित मूकबधिर विद्यालय में हंगामा
- सोनेगांव के मूकबधिर विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। यह केंद्र हवाई अड्डा परिसर से सटा और एक कोने में स्थित होने के कारण गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल था। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर कांग्रेस के कार्यकर्ता और उम्मीदवार मतदान केंद्र के भीतर बैठे पाए गए।
- मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। पुलिस की मदद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को बाहर निकाला गया। इसी तरह की स्थिति प्रभाग क्रमांक 38 के सरस्वती शिशु मंदिर स्थित मतदान केंद्र पर भी देखने को मिली। तनाव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सभी दलों के कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सख्त हिदायत दी।
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100 मतदाताओं के प्रभाग बदले
प्रभाग क्रमांक 37 के करीब 100 मतदाताओं के नाम गलती से प्रभाग क्रमांक 36 में दर्ज हो जाने का मामला सामने आया। इस गड़बड़ी के कारण कई मतदाता मतदान से वंचित रह गए। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्र के पास नारेबाजी की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर काबू पाया गया।
