प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Amravati Municipal Corporation: अमरावती शहर के सर्वाधिक बड़ी समस्या साफ-सफाई को लेकर दो दिन पूर्व हुई मनपा की सभा में सभी सदस्यों ने आवाज उठाकर रोष व्यक्त किया। इसमें अनेकों का मनपा के अधिकारियों की कार्य पध्दति को लेकर आक्षेप था। तो अनेको का निजी ठेकेदार को दिए गए ठेके में प्रशासन की गलतियां गिनाई। करीब 9 घंटे तक चली इस सभा में कोई ठोष परिणाम नहीं निकला। सभा में हर कोई साफ-सफाई ठेकेदार के बारे में सवाल उठाकर दबाव लाने का प्रयास करते दिखाई दिया।
वही सभा में साफ-सफाई की समस्या के निराकरण के लिए सर्वदलीय सदस्यों का एक दल गठित करने का निर्णय लिया गया। स्वीकृत सदस्य एड। प्रशांत देशपांडे, पूर्व महापौर मिलिंद चिमोटे, बबलू शेखावत, लविना हर्षे, ममता आवारे सह अन्यों ने अपना मजबूती के साथ पक्ष रखा। स्वीकृत सदस्य प्रशांत देशपांडे ने विधिनुसार तथा प्रशासन की दृष्टि से अपना मत रखा।
उन्होंने कहा कि इस ठेके को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है। इसका प्रशासन ने ठेका देते समय सभी नियमों की जांच करने को कहा। वहीं पर साफ-सफाई का यह ठेका निजी ठेकेदार कोर्णांक कंपनी को 7 वर्षों के लिए दिए जाने की बात कही जा रही है। इस पर देशपांडे ने कहा कि यह कतई संभव नहीं यदि ठेकेदार का काम योग्य ढंग से नहीं रहा तो 8 दिनों में भी उनका ठेका रद्द किया जा सकता है। यह शहर में सभी ओर नियमित साफ-सफाई होती रही तो हर वर्ष इसकी अवधी बढ़ाई जा सकती है।
देशपांडे के मतों को प्रशासन व उपस्थित ने बडे गौर से सुना व उस पर जल्द अमल में लाने की बात सभापति ने कही। बबलू शेखावत ने उग्र होते हुए कहा कि साफ सफाई को लेकर अमरावती मनपा अधिकारी पूरी तरह उदासीन व मनमानी करते आ रहे हैं। पूरे शहर को इस समस्या से त्रस्त कर रखा है। मिलिंद चिमोटे ने कोर्णांक कंपनी के साथ करार नियमबाह्य होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति तथा आमसभा की सहमति नहीं होने से यह ठेका स्थगित करना चाहिए तथा इस ठेके की नये से प्रक्रिया करने की मांग सदन में रखी।
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ममता आवारे ने कहा कि प्रभाग में चुनाव लड़ना कोई आसान काम नहीं। जागृत मतदाता हर समस्या का हर हल चाहता है। पार्षद लविना हर्षे ने प्रभाग की स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले यहां 45 कर्मचारी कार्यरत थे। लेकिन अब कितने कर्मचारी है किसी को नहीं पता।
इस विषय पर रामपुरी कैंप परिसर की पार्षद स्नेहा आशिष लुल्ला ने शहर की बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था को लेकर मनपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1 मार्च से नए करार की शुरुआत हुई, लेकिन कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर करार उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे है।