
शाहू हत्याकांड (फाइल फोटो)
Sonu Shahu Murder: यशोधरानगर थानांतर्गत ईंट भट्ठा चौक पर शनिवार को हुई भाजपा कार्यकर्ता सचिन उर्फ सोनू ओमप्रकाश शाहू (40) की हत्या से पूरे इलाके में रोष फैला हुआ है। परिजन, समाज और स्थानीय नागरिक सचिन को न्याय देने की मांग को लेकर रास्ते पर उतर गए। ईंट भट्ठा चौक पर ही घंटों तक रास्ता रोको आंदोलन किया गया। भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी और विधायक प्रवीण दटके भी वहां पहुंचे।
पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म हुआ और सचिन का अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू सिंह गौर और बाबू सिंह गौर को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य 4 आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सचिन भाजपा के वार्ड अध्यक्ष और सक्रिय कार्यकर्ता थे। गौर बंधुओं के खिलाफ इसके पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
सोनू गौर चर्चित गैंगस्टर लिटिल सरदार से भी जुड़ा रहा है। गणेशोत्सव के दौरान सचिन ने सोनू के छोटे भाई को पंडाल में मांसाहार खाकर आने को लेकर फटकार लगाई थी और यहीं से विवाद शुरू हुआ। इसी विवाद के चलते गौर परिवार ने 2 महीने पहले सचिन के घर पर हमला किया था।
सचिन, उनके माता-पिता और भाई के साथ जमकर मारपीट की थी। यशोधरानगर पुलिस के दबाव के चलते प्रकरण में समझौता हो गया था। शनिवार को सचिन के बेटे का पहला जन्म दिन था। सचिन अल्पोहार का ऑर्डर देने ईंट भट्टा चौक पर आए और इसी दौरान गौर गुट ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
रविवार की सुबह गुस्साए परिजन और समाजबंधु सीपी ऑफिस पहुंच गए। वहां सचिन को न्याय और आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। डीसीपी राहुल माकणीकर ने परिजनों को सख्त कार्रवाई का विश्वास दिलाया और माहौल शांत किया लेकिन दोपहर 12.30 बजे के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने ईंट भट्ठा चौक पर रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया।
इससे रिंग रोड पर यातायात प्रभावित हो गया। जमकर नारेबाजी की गई। यशोधरानगर थाने के अधिकारियों पर रोष होने के कारण कोई पुलिस की सुनने को तैयार नहीं था। डीसीपी निकेतन कदम मौके पर पहुंचे। रायट कंट्रोल दस्ते को भी तैनात किया गया।
आंदोलन की जानकारी मिलते ही दयाशंकर तिवारी और प्रवीण दटके मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को बताया कि शनिवार शाम ही इस घटना की जानकारी सीएम देवेंद्र फडणवीस को दी जा चुकी है। उन्होंने पुलिस आयुक्त को सख्त से सख्त कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
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आरोपियों के सभी अवैध धंधों को खत्म किया जाएगा। जहां तक आरोपियों के घर गिराने की बात है तो अवैध निर्माण तोड़ने के लिए पुलिस विभाग ने मनपा को पत्र लिख दिया है। उनके खिलाफ मोका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन के दौरान सचिन की पत्नी ने कहा कि इस घटना के लिए यशोधरानगर पुलिस जिम्मेदार है। उनके 2 छोटे बच्चे हैं। प्रीत का तो यह पहला जन्मदिन था जिसके लिए अल्पोहार का ऑर्डर देने सचिन घर से निकले थे। ‘बच्चों को क्या समझाऊं कि उनके पिता कहां है।’ 2 बार सचिन थाने में शिकायत करने गए थे। पुलिस ने उन्हें भगा दिया। बाद में समझौता करवा दिया। फिर यह घटना कैसे हुई।
पूरा परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। भाई ने बताया कि 2 महीने पहले हुए विवाद की शिकायत करने थाने गए। पुलिस ने खुद मेडिकल जांच करवाने को कहा। जब हम मेडिकल रिपोर्ट लेकर पहुंचे तो मामला दर्ज नहीं किया। पाटिल नामक अधिकारी ने पैसों की मांग की, इसीलिए अपराधियों का साथ देने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।






