शिव भोजन थाली केंद्र संचालक संघ की ओर से 8 सितंबर को धरना प्रदर्शन, पत्रपरिषद में दि जानकारी

Press Conference: ता. 08 सितंबर को दोहपर 2 बजे संविधान चौक नागपूर पर विरोध आंदोलन के संबंध में आयोजित प्रेतवार्ता में जानकारी दी गई।
शिव भोजन थाली केंद्र संचालक संघ
शिव भोजन थाली केंद्र संचालक संघ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur News: शिव भोजन योजना के नागपूर शहर ग्रामीण क्षेत्र केंन्द्र के चालक द्वारा छह महिने के प्रलंबित बिल के भुगतान की मांग को लेकर ता. 08 सितंबर को दोहपर 2 बजे संविधान चौक नागपूर पर विरोध आंदोलन के संबंध में आयोजित प्रेतवार्ता में जानकारी दी गई कि सरकारी निर्णय, शिव भोजन योजना के अंतर्गत, यह योजना पूरे राज्य में बड़े उत्साह के साथ चलाई जा रही है। राज्य में लगभग 19 हजार शिव भोजन केंद्र खुले हैं और प्रतिदिन 2 लाख गरीब मजदूर और महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और गांव से बाहर पढ़ने वाले छात्र एक समय के भोजन से संतुष्ट हो रहे हैं। लेकिन अब केंद्र संचालक के लिए भुखमरी की नौबत आ गई है।

केंद्र संचालक को पिछले छह महीने से भुगतान राशि नहीं मिली है। जबकि यह केंद्र ज्यादातर महिला स्वयं सहायता समूहों के पास है । इसलिए स्वयं सहायता समूह पिछले छह महीनों से ब्याज के साथ ऋण लेकर केंद्र चला रहे हैं. लेकिन अब केंद्र चलाना और लोगों को भोजन परोसना बहुत मुश्किल हो गया है। इसके लिए शिव भोजन केंद्र संचालक ने माननीय मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियो और राज्य मंत्रियों को एक ज्ञापन देने के बाद भी बिल का भुगतान नहीं किया है। शिव भोजन देयक रक्कम वितरण का प्रस्ताव की मंत्रालय में लंबित है और इस प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने से राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में भारी असंतोष है।

सरकार की इस योजना को बंद करने की साजिश

राज्य के सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री और अन्ननागरी मंत्री को पत्र लिखा है लेकिन वित्तमंत्री ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। इसलिए यह सवाल महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा पूछा जा रहा है की राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार सक्षम बनाने की इच्छा है या नही ? राज्य में लोक निर्माण विभाग के कई ठेकेदार बकाया बिलों के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। क्या सरकार केंद्र चालकों की आत्महत्या का इंतजार कर रही है ? यह अनुमान लगाया जाता है कि महायुती सरकार वित्तीय कठिनाइयों के कारण शिवभोजन केंद्र चालकों द्वारा आधार सरकार की इस योजना को बंद करने की साजिश कर रही है।

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को मीडिया के सामने आना चाहिए और शिव भोजन के बारे में सरकार की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस योजना का वार्षिक व्यय केवल 270 करोड़ रुपये है। इतने कम खर्च के बावजूद, वार्षिक बजट में केवल 70 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इससे पता चलता है कि सरकार जानबूझकर शिवभोजन निदेशक को परेशान करना चाहती है।

विशाल धरना प्रदर्शन करने का निर्णय

इसलिए शिव भोजन संघ ने 8 सितंबर 2025 को दोपहर 2 बजे नागपुर शहर और नागपुर ग्रामीण की ओर से सरकार के खिलाफ एक विशाल धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। अगर सरकार द्वारा आठ दिनों के भीतर शिव भोजन बिल का भुगतान नहीं किया जाता हैए तो यह विरोध पूरे महाराष्ट्र में हर तालुका और हर जिले में किया जाएगा। ऐसा पत्रपरिषद में शहराध्यक्ष तानाजी वनवे, डॉ. जानबा मस्के, किशोर ठाकरे, राजू पोलकुमवार और भास्कर पराते ने परिषद में कहा है ।

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