पुणे-नागपुर वंदे भारत में 16 कोच की मांग, GM ने स्वीकारा, प्रयागराज के लिए TOD पर विचार का वादा

Pune-Nagpur Vande Bharat: पुणे–नागपुर वंदे भारत की बढ़ती लोकप्रियता के चलते कोच 8 से 16 करने की मांग की है। GM ने मांग जायज मानी है। जिससे अब TOD सर्वे का संकेत मिल रहा है।।
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वंदे भारत (फाइल फोटो), सोर्स -सोशल मीडिया
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Vande Bharat coach increase: मध्य रेल मुंबई जोन के प्रभारी महाप्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता ने नागपुर मंडल के तहत आमला से नागपुर के बीच संरक्षा निरीक्षण किया। नागपुर पहुंचने पर मंडल रेल प्रबंधक के सभागृह में उन्होंने कहा कि नागपुर-पुणे-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता को देखते हुए इसमें कोच की संख्या 8 से बढ़ाकर 16 करने की मांग की जा रही है। दोनों शहरों के बीच इस रूट पर ट्रेनों में बुकिंग की स्थिति पर भी उन्होंने कहा कि मांग जायज भी है। हालांकि इसके लिए थोड़ा समय लगा सकता है।

सर्वे के बाद ही कुछ कहना संभव

वहीं नागपुर से उत्तर भारत के प्रयागराज और अयोध्या जैसे धार्मिक शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा पर उन्होंने कहा कि किसी भी रूट पर ट्रेन चलाने के लिए टीओडी (ट्रेन ऑन डिमांड) सर्वे किया जाता है। सर्वे में देखा जाता है कि रूट पर यात्री संख्या कितनी रहेगी, कितनी दूरी के लिए समय कितना लगेगा। साथ ही रूट नई ट्रेन की क्षमता रखता है या नहीं आदि। यह बताने पर कि नागपुर के उत्तर भारतीयों की पुरानी मांग है तो उन्होंने कहा कि हमें इसकी जानकारी है। भविष्य में इस रूट पर टीओडी का विचार करेंगे।

अगले साल नजर आएगी पुनर्विकास की असली झलक

नागपुर और अजनी स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य की गति पर उन्होंने कहा कि ये दोनों स्टेशन केवल नागपुर ही नहीं बल्कि पूरे देश के रेल नेटवर्क में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। आने वाले कई वर्षों की सुव्यवस्था को देखते हुए इनका पुनर्निमाण किया जा रहा है। इतने विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नींव काम पूरा करने में समय लगता ही है।

नागपुर स्टेशन के पूर्वी भाग में एडिमन बिल्डिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है, साथ ही बाकी निर्माण भी जमीन से ऊपर शुरू हो चुका है। अजनी स्टेशन पर भी नये प्लेटफॉर्म बनाये जा रहे हैं। इनके कमीशन होते ही नागपुर स्टेशन की ट्रेनें यहां से परिचालित की जा सकेगी। खास बात है कि ये पूरा निर्माण ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित किये बिना हो रहा है, इसलिए भी कई दिक्कतें आती हैं।

हालांकि वर्तमान कार्य की प्रगति को देखते हुए ये कहने में कोई दो राय नहीं कि अगले वर्ष लोगों को विश्व स्तरीय स्टेशन की बेहतर छवि नजर आने लगेगी।

अगले 2 वर्षों में इटारसी थर्ड लाइन होगी पूरी

नागपुर मंडल में जारी थर्ड लाइन प्रोजेक्ट पर उन्होंने जानकारी दी कि मंडल में नागपुर और इटारसी के बीच तिगांव और चिचोंडा तक काम पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस वर्ष मुलताई तक तीसरी लाइन का काम पूरा हो जाये। वहीं मुलताई से मरामझिरी तक अगले एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। मरामझिरी से धाराखोह के बीच बड़ा और सघन घाट सेक्शन है। उम्मीद है कि अगले 2 वर्षों में जुझारपुर, इटारसी तक तीसरी लाइन पूरी कर ली जायेगी।

नाशिक कुंभ के लिए 1,500 करोड़ खर्च करेगी रेलवे

इस बीच, जीएम गुप्ता ने एक विशेष जानकारी दी कि नाशिक कुंभ मेला-2027 के लिए रेलवे द्वारा 1,500 करोड़ के विकास कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत नाशिक स्टेशन को अपग्रेड किया जायेगा। अधिक से अधिक ट्रेनों की आवाजाही संभव करने के लिए प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाई जायेगी। कई विश्व स्तरीय सुविधाओं का निर्माण होगा। साथ ही कई स्पेशल ट्रेनों की योजना भी बनाई जा रही है।

PRO के लिए एक और वादा

मध्य रेल मुंबई जोन के 5 में से 4 रेल मंडलों (नागपुर, पुणे, भुसावल व सोलापुर) में जनसंपर्क अधिकारी नहीं होने पर उन्होंने एक और वादा कर दिया।उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पर कुछ निर्णय हो जायेगा। ये विषय मेरी जानकारी में आ गया है। उल्लेखनीय है कि पूरे जोन का सबसे कमाऊ पूत यानी नागपुर मंडल भी पिछले कई वर्षों से बिना जनसंपर्क अधिकारी के चलाया जा रहा है।

गत वर्ष तत्कालीन महाप्रबंधक धर्मवीर मीणा ने भी ऐसा ही वादा किया था कि जल्द ही नागपुर मंडल को एक पीआरओ मिल जायेगा। हालांकि 12 महीने बीतने के बाद भी वादा पूरा नहीं हुआ। देश के सबसे व्यस्त रेल मंडलों में शामिल नागपुर में इस पद का वर्षों से रिक्त रखा जाना जोन में काबिल रेल अफसरों की कमी बताने के लिए काफी है। यह स्थिति सोचने वाली है।

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