

नागपुर: शहर में हुई मूसलाधार बारिश के चलते अलग-अलग इलाकों में पानी भर गया। इस वजह से दिनभर पुलिस कंट्रोल रूम को मदद के लिए कॉल आते रहे। दमकल विभाग की मदद से लोगों को राहत पहुंचाई गई लेकिन हिंगना थाना क्षेत्र में हुई एक घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। नदी के तेज बहाव में 65 वर्षीय वृद्ध बह गए।
नदी के बिलकुल बीच में स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में उन्हें आधार मिला। लहरों के बीच फंसे वृद्ध को हिंगना पुलिस और ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया। नदी के किनारे ही मालीपुरा में बबन नारायण भारती का वर्षों पुराना मकान है। अक्सर वे घर के समीप नदी के किनारे सीढ़ियों पर बैठकर दिन गुजारते हैं। बुधवार की दोपहर 12 बजे के दौरान वे सीढ़ी पर बैठे बदरीले आसमान में रिमझिम बारिश देख रहे थे।
अचानक नदी में बहाव तेज हो गया और वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही लहरें अपने साथ बहा ले गईं। कुछ दूरी पर ही नदी के बीच श्रीकृष्ण भगवान का मंदिर है। बहते-बहते भारती ने मंदिर की दीवार पकड़ ली और छत पर पाव जमा लिए। ग्रामीणों ने उन्हें नदी के तेज बहाव में फंसा देख पुलिस को जानकारी दी। खबर मिलते ही थानेदार जितेंद्र बोबड़े अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
तेज बहाव में किसी का भी नदी में जाना घातक हो सकता था। ऐसे में बहाव कम होने का इंतजार किया गया। लगभग 2 घंटे बाद पानी कम हुआ। पुलिस ने नागरिकों के साथ मानव शृंखला बनाकर भारती को बाहर निकाला। उन्होंने हाथ जोड़कर पुलिस और नागरिकों को धन्यवाद दिया। इंस्पेक्टर बोबड़े ने बताया कि नागरिकों की मदद से यह रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।
चौंकाने वाली बात ये है कि 25 वर्ष पहले भी भारती इसी तरह नदी में बह गए थे। उनके नहीं मिलने पर परिजनों ने मृत मान लिया था। घर पर तेरहवीं का कार्यक्रम भी रखा गया और उसी दिन वे अपने घर लौट गए थे। दोबारा उनके नदी में बहने से परिजन काफी चिंतित थे। वहीं ग्रामीणों को 25 वर्ष पहले हुई घटना याद आ गई। उन्हें श्रीकृष्ण ने अपनी शरण में ले लिया और जान बच गई।