ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हुए घायल, तेहरान हमले के बाद सुरक्षित बंकर में होने की पुष्टि

Khamenei Injured But Safe: तेहरान हमले में ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार वे पूरी तरह सुरक्षित, होश में हैं और एक गुप्त बंकर से देश संभाल रहे हैं।
Iran's New Supreme Leader Mojtaba Khamenei Injured in Strike but Safe, Officials Confirm 
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
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New Leader Survival After Strike: ईरान के सत्ता गलियारे से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 28 फरवरी को तेहरान में हुए भीषण हवाई हमले में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। यद्यपि वे शारीरिक रूप से चोटिल हुए हैं, लेकिन प्रशासन का दावा है कि वे फिलहाल एक गुप्त स्थान पर बिल्कुल सुरक्षित हैं।  नए नेता के अस्तित्व के जरिए ईरान अपनी स्थिरता का संदेश दे रहा है और पूरी दुनिया में शांति की उम्मीद कर रहा है।

हमले की विभीषिका और परिवार का नुकसान

तेहरान के मध्य इलाके में स्थित एक परिसर पर हुए उस भीषण हमले ने खामेनेई परिवार को कभी न भूलने वाले गहरे जख्म दिए हैं। इसी हमले में मोजतबा के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के साथ-साथ उनकी मां और पत्नी की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। सप्ताहांत में कार्यभार संभालने वाले मोजतबा खुद भी उस वक्त वहां मौजूद थे और बमबारी की चपेट में आकर घायल हो गए थे। ईरान के राजदूत अलीरेजा सालारियन और राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ पेजेश्कियन ने भी पुष्टि की है कि मोजतबा को चोटें जरूर आई हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उनके पैरों में काफी गंभीर चोट लगी है, लेकिन वे पूरी तरह होश में हैं और स्वस्थ हैं। फिलहाल वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं क्योंकि सुरक्षा कारणों से उन्हें एक सुरक्षित बंकर में भेज दिया गया है।

बंकर से सत्ता और भविष्य की चुनौतियां

डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने पर पहले ही कड़ी चेतावनी दी थी कि बिना अमेरिकी मंजूरी के वे ज्यादा समय तक नहीं टिकेंगे। इस खतरे को देखते हुए मोजतबा फिलहाल किसी अज्ञात और बेहद सुरक्षित स्थान से ही अपना सारा कामकाज देख रहे हैं और सीमित संपर्क में हैं। जानकारों का मानना है कि वे सरकार चलाने की कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां अब अली लारिजानी को सौंप सकते हैं ताकि व्यवस्था चलती रहे।

ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने नए नेता के प्रति अपनी पूरी वफादारी जताई है जो इस कठिन समय में एक बड़ी ताकत है। यमन के हूती विद्रोहियों और लेबनान के हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों ने भी मोजतबा खामेनेई को अपना पूरा समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान किया है। साथ ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी ईरान को इस युद्ध की घड़ी में हर संभव मदद और साथ देने का भरोसा दिया है।

तेहरान का माहौल और जनता की प्रतिक्रिया

राजधानी तेहरान की सड़कों पर मोजतबा के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें वे अपने पिता से विरासत लेते हुए दिखाई देते हैं। हजारों लोग उनके समर्थन में रैलियां निकाल रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में उनके खिलाफ कुछ विरोध की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि नए सुप्रीम लीडर के सामने न केवल बाहरी दुश्मन हैं बल्कि आंतरिक विरोध भी एक चुनौती है।

ईरान के इतिहास में यह एक बहुत ही संवेदनशील मोड़ है जहां सत्ता का हस्तांतरण युद्ध और भारी व्यक्तिगत नुकसान के बीच हो रहा है। 88 धर्मगुरुओं की समिति ने मोजतबा को चुना है और अब उनके कंधों पर पूरे शिया समाज के मार्गदर्शन और देश की रक्षा का भार है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि वे इस 'रमजान युद्ध' के बीच अपनी विरासत और देश को किस दिशा में ले जाते हैं।

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