नितिन गडकरी ने ‘नागपुर स्किल सेंटर’ का किया लोकार्पण, AID-NMC और टाटा स्ट्राइव के बीच MoU
Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री तथा एआईडी के मार्गदर्शक नितिन गडकरी ने ‘नागपुर स्किल सेंटर’ का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलना आवश्यक है।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर स्किल सेंटर का लोकार्पण (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Skill Center: नागपुर स्किल सेंटर न केवल नागपुर बल्कि पूरे विदर्भ के लाखों युवाओं के रोजगार का सपना साकार करेगा और क्षेत्र की प्रगति को नई गति देगा। यह बात केंद्रीय मंत्री तथा एआईडी के मार्गदर्शक नितिन गडकरी ने ‘नागपुर स्किल सेंटर’ के लोकार्पण अवसर पर कही। एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) का विदर्भ ग्लोबल फाउंडेशन, नागपुर महानगर पालिका, टाटा स्ट्राइव के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कौशल विकास पहल का शुभारंभ शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथों किया गया।
कार्यक्रम में विधायक चरण सिंह ठाकुर, अभिजीत वंजारी, मोहन मते, मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी, वसुमना पंत, टाटा स्ट्राइव के सीईओ अमेय वंजारी, आईआईएम नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मैत्री, अनिल सोले, एआईडी के अध्यक्ष आशीष काले, विजयकुमार शर्मा, प्रशांत उगेमुगे, राजेश रोकड़े, रवि बोरकटकर, संजय गुप्ता और राजेश बागड़ी उपस्थित थे। इस अवसर पर मनपा, एआईडी और टाटा स्ट्राइव के बीच सामंजस्य करार (एमओयू) पर डॉ. अभिजीत चौधरी, अमेय वंजारी और आशीष काले ने हस्ताक्षर किए।
जीडीपी बढ़ाना लक्ष्य
गडकरी ने कहा कि उद्योग और कृषि क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब निवेश, व्यापार और पूंजी प्रवाह बढ़े। इससे रोजगार सृजन होगा, प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी और गरीबी दूर होगी। विदर्भ के विकास के लिए हमारा लक्ष्य महाराष्ट्र के जीडीपी में विदर्भ का योगदान बढ़ाना है। विदर्भ के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एआईडी और टाटा स्ट्राइव के बीच हुआ करार सराहनीय है लेकिन केवल शहरों को स्मार्ट बनाने से काम नहीं चलेगा।
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ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलना आवश्यक है। स्मार्ट शहरों के साथ स्मार्ट गांव भी विकसित होने चाहिए। गडकरी ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में हर विधानसभा क्षेत्र के 5,000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मिहान परियोजना के तहत अब तक एक लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। हमें यह अध्ययन करने की जरूरत है कि विदर्भ में कौन से उद्योगों को किस प्रकार के कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है।
जनवरी से शुरू होंगे कोर्सेस: चौधरी
एआईडी, टीसीआईटी और मनपा के संयुक्त प्रयास से नागपुर स्किल सेंटर की स्थापना की जा रही है। पार्डी क्षेत्र में 30 हजार वर्ग फीट में यह केंद्र तैयार हुआ है। एक महीने में सारी प्रक्रिया पूरी कर जनवरी से प्रशिक्षण शुरू होगा। यह जानकारी मनपा आयुक्त अभिजीत चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि नागपुर और विदर्भ में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है, जिसके लिए कुशल जनशक्ति की जरूरत है। यह स्किल सेंटर उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग : वंजारी
टाटा स्ट्राइव के सीईओ अमेय वंजारी ने बताया कि हमारे माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिल रहा है और पिछले 11 वर्षों में 25 लाख विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ हुआ है। नागपुर स्किल सेंटर इस दिशा में 41वां केंद्र होगा। उन्होंने कहा कि हमने मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिकल, सोलर, आईटी, बैंकिंग जैसे उद्योगों से जुड़े 2 से 3 महीने के कोर्स तैयार किए हैं। प्रशिक्षण के बाद उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की व्यवस्था भी है। नागपुर के युवाओं से मेरा आग्रह है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं।
विकास की दिशा में एक कदम: काले
एआईडी के अध्यक्ष आशीष काले ने संस्था के कार्यों का आढावा लिया और कहा कि विदर्भ के औद्योगिक विकास के लिए एआईडी की ओर से विदर्भ ग्लोबल फाउंडेशन की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से ‘विदर्भ ग्लोबल स्किल एंड लॉजिस्टिक्स यूनिवर्सिटी’ की स्थापना और संचालन का उद्देश्य है।
नागपुर स्किल सेंटर
- पुनापुर में लगभग 2903.86 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।
- न्यूनतम पात्रता: 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण।
- हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन, सोलर टेक्नीशियन, ऑटो सर्विस टेक्नीशियन, इलेक्ट्रॉनिक फील्ड टेक्नीशियन आदि जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- 75 प्रतिशत प्रशिक्षार्थियों का शहर का निवासी होना अनिवार्य होगा।
