
बड़कस चौक बचत गट (फाइल फोटो)
Mahila Bachat Gut Mall Nagpur: जिला परिषद की मालिकी की बड़कस चौक महल वाली जमीन पर वर्षों से प्रस्तावित महिला बचत गट मॉल के निर्माण का पेंच फंसा ही हुआ है। बीते 25 वर्षों से यह प्रकल्प घोषणाओं और सुधारित प्रपोजल व इस्टीमेट के कागजी चक्रव्यूह से ही नहीं निकल पा रहा है।
इस मॉल की घोषणा वर्तमान तत्कालीन मुख्यमंत्रियों, पालक मंत्रियों, वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय मंत्री तक ने एक बार नहीं कई-कई बार की है लेकिन महज 25 करोड़ की लागत का छोटा सा प्रोजेक्ट मूर्तरूप लेता नजर नहीं आ रहा। बताते चलें कि जिला परिषद बांधकाम विभाग की ओर से इस 6 मंजिला इमारत के निर्माण के लिए 25.62 करोड़ रुपयों के सुधारित प्रस्ताव पर मविआ सरकार के समय रहे तत्कालीन डीसीएम व वित्त मंत्री अजीत पवार ने निधि मंजूरी का आश्वासन दिया था।
सरकार बदलने के बाद वही फिर वित्त मंत्री बने लेकिन अब तक निधि नहीं दी। बड़कस चौक स्थित जमीन पर 6 मंजिल माल्स निर्माण का 2,240 वर्गमीटर के बिल्टअप एरिया का पूरा प्लान तैयार है जिसमें बचत गट्स के लिए दुकानों, पार्किंग, हॉल, कैफेटेरिया, गेस्ट रूम्स आदि की व्यवस्था होगी लेकिन पेंच कहां फंसा है यह बताने वाला कोई नहीं है।
बताते चलें कि तत्कालीन उपाध्यक्ष नितिन राठी ने जिप की इस जमीन पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की संकल्पना की थी लेकिन बाद में यहां महिला बचत गट के लिए मॉल बनाने की योजना बनी। तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस जो अब भी सीएम हैं, ने इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। उसके बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था।
यह भी पढ़ें – RTE: एडमिशन प्रक्रिया में देरी, पैरेंट्स की बढ़ीं टेंशन, सरकार ने प्रस्ताव को अब तक नहीं दी मंजूरी
तत्कालीन जिप उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चिखले, शरद डोणेकर, मनोहर कुंभारे, सुमित्रा कुंभारे, कुंदा राऊत ने भी इसका फॉलोअप किया। जिले के महिला बचत गटों को जनप्रतिनिधि व मंत्रियों ने बार-बार यह मॉल तैयार करने का आश्वासन दिया लेकिन 2 दशक से अधिक समय होने के बाद भी पूरा नहीं किया।
प्रस्तावित मॉल में 4 फ्लोर में 26 दुकानें बनाई जाएंगी। वहीं एक कम्युनिटी हॉल, 7 गेस्ट बेडरूम और एक कैफेटरिया भी बनाया जाएगा। बेसमेंट व ग्राउंडफ्लोर में वाहनों के पार्किंग की भरपूर सुविधा भी होगी। पूरी इमारत ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर बनाई जाएगी।
छत पर सोलर पैनल से 60 किलोवाट बिजली पैदा करने के लिए 180 पैनल लगाए जाएंगे। इमारत में 2 लिफ्ट होंगे। सीसीटीवी कैमरों से पूरा परिसर लैस होगा। फायर फाइटिंग उपकरणों की व्यवस्था होगी। इमारत में रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी होगा।






