
आज फहीम समेत 5 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नागपुर: उपराजधानी नागपुर में हुए हिंसाचार में सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक पोस्ट कर शहर में दंगे भड़काने की कोशिश करने के आरोपी हामिद की नियमित जमानत पर बुधवार 9 अप्रैल को सत्र न्यायाधीश एन. बी. ओझा के समक्ष सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में पुलिस ने न्यायाधीश ओझा के समक्ष केस डायरी पेश की थी। आरोपी का नाम मो. हामिद मोहम्मद हनीफ (69, सेवासदन अपार्टमेंट) है।
इस बीच, महल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के शहर अध्यक्ष फहीम शमीम खान की नियमित जमानत पर सुनवाई आज होगी। इसके अलावा हरीश मोहम्मद इस्माइल (29), मोहम्मद शाहनवाज शेख मोहम्मद अरशद शेख (25, बिडगांव), मोहम्मद यूसुफ शेख (37, नई शुक्रवारी) और नाज़िम सलीम शेख (34, उप्पलवाड़ी) की अग्रिम जमानत पर भी आज सुनवाई होगी। आरोपी की ओर से एडवोकेट अश्विन इंगोले, सरकार की तरफ से एडवोकेट नितिन तेलगोटे ने मामले की पैरवी करेंगे।
साइबर पुलिस ने मोहम्मद शहजाद परवेज मोहम्मद इब्राहिम (45, आशिनगर, टेका) को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद हामिद और मोहम्मद हनीफ को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालकर दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश की। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो पोस्ट और शेयर किए, जिनसे धार्मिक भावनाएं भड़कीं और दो समुदायों के बीच दरार पैदा हुई। हामिद ने अपने मोबाइल फोन से यह पोस्ट वायरल की थी।
नागपुर के महल और भालदारपुरा इलाकों में हुई हिंसा में चौपहिया और दोपहिया वाहनों सहित 66 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसमें दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और चौपहिया वाहनों के लिए 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई। हिंसा के कुल 70 पीड़ितों को सरकार द्वारा सहायता प्रदान की गई। ब्रजेशकुमार चांडक को 20,000 रुपये और शिखा अग्रवाल व हर्षल घाटे को भी उनकी दुकान को हुए नुकसान के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए। एनसीसी लिमिटेड की 2 क्रेनों में आग लगा दी गई थी। कंपनी को 1 लाख रुपये की सहायता दी गई। सरकार ने केवल एक घायल व्यक्ति को 5,000 रुपये की सहायता प्रदान की है।
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इधर इस मामले में पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। हिंसा और दंगे में अहेफाज अफसर खान को आरोपी बनाया गया और गणेशपेठ पुलिस में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया। अब दंगे में आरोपी के भाई शाहबाज खान पर मनपा ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मनपा द्वारा मृत पिता के नाम पर मकान के निर्माण को अवैध करार देते हुए उसे गिराने के लिए नोटिस जारी किया गया।
हालांकि कोर्ट ने तोड़फोड़ की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। नागपुर हिंसा के मामले में बांग्लादेशी कनेक्शन भी सामने आया था। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था। हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन वाले एंगल से भी पुलिस जांच कर रही है।






