- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Nagpur University New Agency Exam Fees Controversy
नागपुर विश्वविद्यालय: नई एजेंसी की चूकों से परीक्षा पर संकट! प्रवेश पत्र और शुल्क में भारी गड़बड़ी
- Written By: आकाश मसने
RTMNU News: नागपुर विश्वविद्यालय की नई एजेंसी की लगातार चूकों ने छात्रों की परीक्षाओं और शुल्क प्रक्रिया प्रभावित की, जबकि प्रशासन पूरी जिम्मेदारी पुरानी कंपनी पर डाल रहा है।

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur University News: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी में हाल ही में नियुक्त नई एजेंसी के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन नई कंपनी की लगातार हो रही चूकों और अक्षमताओं को छिपाने के लिए हर समस्या का दोष पुरानी एजेंसी पर मढ़ रहा है। स्थिति यह बन गई है कि नई कंपनी से होने वाली प्रत्येक गलती को पुरानी कंपनी द्वारा डेटा न दिए जाने का बहाना बनाकर दबाया जा रहा है।
पहला मामला : एनईपी के अंतर्गत तृतीय सेमेस्टर परीक्षाएं
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत बीए, बीकॉम, बीएससी सहित तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं पहली बार आयोजित की जा रही हैं। यह सर्वविदित तथ्य है कि इन परीक्षाओं के लिए किसी भी प्रकार का पुराना (बैक) डेटा उपलब्ध ही नहीं है क्योंकि सभी विद्यार्थी नियमित छात्र हैं। इसके बावजूद 22 दिसंबर से प्रारंभ होने वाली परीक्षाओं के लिए नई कंपनी समय पर और सही प्रवेश पत्र तैयार करने में पूरी तरह विफल रही। अधिकांश छात्रों के प्रवेश पत्रों में केवल 3 विषय ही दर्शाए गए, जबकि वास्तविकता में विषय अधिक हैं।
हैरानी की बात यह है कि नागपुर विश्वविद्यालय ने इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी लेने की बजाय पूरा दोष पुरानी कंपनी पर डाल दिया, जबकि यह परीक्षा पहली बार आयोजित हो रही है और इसमें पुराने डेटा का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: क्या है न्यू नागपुर प्रोजेक्ट, फडणवीस कैबिनेट के फैसले से आपको क्या फायदा होगा?
महाराष्ट्र में अचानक मोबाइल पर क्यों बजा खतरनाक सायरन? जानिए ‘Extremely Severe Alert’ का पूरा सच
नितिन गडकरी के गढ़ में ही दावों की खुली पोल; 2 महीने का दावा, 5 महीने बाद भी अधूरा अजनी स्टेशन प्रोजेक्ट
नागपुर: 11वीं में सीटें 1 लाख के पार, पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ 22 हजार; सीटें खाली रहने का डर
दूसरा मामला : परीक्षा शुल्क मॉड्यूल की विफलता
सूत्रों के अनुसार, नई कंपनी अब तक परीक्षा शुल्क से संबंधित मॉड्यूल विकसित नहीं कर पाई है। परिणामस्वरूप 22 दिसंबर से शुरू हो रहीं नियमित परीक्षाओं के लिए कॉलेजों द्वारा परीक्षा शुल्क ही जमा नहीं किया जा सका। यह समस्या पूरी तरह तकनीकी और वर्तमान व्यवस्था से जुड़ी है जिसका पुराने डेटा से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर पुरानी कंपनी के डेटा को जिम्मेदार ठहराया। नई कंपनी को बचाने के लिए विश्वविद्यालय ने बिना परीक्षा शुल्क लिए ही छात्रों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए जो व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में आज से नामांकन शुरू, एक क्लिक में जानें चुनाव की सभी अहम तारीखें
राजनीतिक दबाव और संदिग्ध नियुक्ति के आरोप
विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा नई कंपनी को असाधारण संरक्षण दिए जाने के पीछे कारण भी सामने आ रहे हैं। आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते इस कंपनी की नियुक्ति की गई जिसका पूर्व रिकॉर्ड विवादित रहा है। बताया जा रहा है कि निविदा की शर्तों को इस कंपनी के पक्ष में ढालने के लिए टर्नओवर बढ़ाया गया और अन्य आवश्यक मानदंडों को कम कर दिया गया, ताकि चयन सुनिश्चित किया जा सके।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व-परीक्षा स्तर पर इस प्रकार की अव्यवस्थाएं आगे चलकर परिणामों में देरी और त्रुटियों का कारण बनेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह लापरवाही सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के समान है। कुल मिलाकर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली नई कंपनी की अक्षमता और प्रशासन द्वारा जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति ने पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Nagpur university new agency exam fees controversy
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
भारत के नक्शे से जम्मू कश्मीर गायब…BCCI के ब्लंडर से सोशल मीडिया पर मचा बवाल! तस्वीरें हो रहीं वायरल
May 26, 2026 | 11:25 PMकपल से हुई बहस तो कनपटी पर सटा कर मार दी गोली, दिल्ली में सनसनीखेज वारदात, लड़के की हालत गंभीर
May 26, 2026 | 11:05 PMAam Ki Guthli Benefits: आम की गुठली फेंकने से पहले ये पढ़ लीजिए, इसके फ़ायदे कर देंगे हैरान
May 26, 2026 | 11:02 PMपेपर लीक के बाद छात्रों का तांडव! परीक्षा केंद्रों पर तोड़फोड़ और बवाल; जानें कहां-कहां रद्द हुआ SSC GD एग्जाम
May 26, 2026 | 11:00 PMग्वालियर नगर निगम की जनसुनवाई में हंगामा, खाली मटका लेकर पहुंचे पूर्व पार्षद; अमृत योजना के फंड पर उठाए सवाल
May 26, 2026 | 10:54 PMअवैध खनन के खिलाफ टॉवर पर चढ़ा युवक, किसान ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में किया हाई वोल्टेज ड्रामा
May 26, 2026 | 10:54 PMRanveer Singh के डॉन 3 विवाद के बीच चंकी पांडे ने किया खुलासा, बोले- मुझे भी एक हफ्ते के लिए बैन किया गया था
May 26, 2026 | 10:52 PMवीडियो गैलरी

PM मोदी के माना करने के बाद भी इतना सोना क्यों खरीदने लगे भारतीय? VIDEO
May 26, 2026 | 07:53 PM
ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालु और मंदिर कर्मियों के बीच चले लाठी-डंडे, वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा एक्शन
May 26, 2026 | 01:27 PM
अल्का लांबा बढ़ी मुश्किलें; 22 महीने पुराने केस में कोर्ट ने माना दोषी, 5 जून को होगी सजा, क्या था मामला?
May 26, 2026 | 01:10 PM
फिर बढ़े डीजल-पेट्रोल, क्या रोजमर्रा की चीजें भी होंगी महंगी? VIDEO
May 25, 2026 | 06:19 PM
सामूहिक विवाह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 परिवारों से लाखों की ठगी, न आई दुल्हन, न मिले आयोजक
May 25, 2026 | 02:40 PM
पेट्रोल-डीजल के और बढ़ेंगे दाम! RJD नेता ने दिए बड़ी मुसीबत के संकेत, देखें VIDEO
May 25, 2026 | 02:16 PM














