Sting Operation: 60000 में बेटे-बेटी का पता बताता था डॉक्टर, नागपुर में सोनोग्राफी सेंटर का पर्दाफाश
Illegal Sonography Centre Exposed: नागपुर में मनपा स्वास्थ्य विभाग ने 60,000 रुपये में अवैध लिंग परीक्षण करने वाले दो डॉक्टरों का स्टिंग ऑपरेशन कर भंडाफोड़ किया। सोनोग्राफी सेंटर सील।
- Written By: प्रिया जैस
सोनोग्राफी सेंटर सील (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Sex Determination Sting: महानगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग ने शहर में गुप्त रूप से गलत तरीके से प्रैक्टिस कर रहे 2 डॉक्टरों के खिलाफ ‘प्रसव पूर्व लिंग निदान एवं प्रसव पूर्व परीक्षण’ अधिनियम के तहत कार्रवाई की। स्वास्थ्य विभाग को मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया और एक फर्जी महिला को वर्धमान नगर स्थित डॉ. रेखा शिरसाट (बीएएमएस) के शिवम अस्पताल में भेजा।
महिला ने डॉ. शिरसाट से गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण करने को कहा। शुरुआत में तो उन्होंने मना कर दिया लेकिन बाद में परीक्षण के लिए 60,000 रुपये की मांग की। उन्होंने मरीज से कहा, ‘पैसे दे दो। हम बता देंगे कि गर्भ में लड़का है या लड़की।’ महिला मरीज ने फिर से डॉक्टर से मुलाकात की और परीक्षण के लिए भुगतान करने की इच्छा जताई।
ऐसे किया स्टिंग ऑपरेशन
स्टिंग ऑपरेशन के पहले दिन शुक्रवार को महिला शिवम अस्पताल पहुंची और वहां पहले 50,000 रुपये जमा किए। इसके बाद एक एजेंट महिला को दोपहिया वाहन पर बैठाकर सदर इलाके में ले आया। पहले दिन जांच नहीं होने पर पैसे वापस कर दिए गए। अगले दिन शनिवार को एजेंट फिर महिला को सदर स्थित सराफा चैंबर में डॉ. राजीव नागी के सोनोग्राफी सेंटर पर लेकर गया।
सम्बंधित ख़बरें
पूर्व DGP के फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन हड़पने का आरोप, 3 दिन की पुलिस रिमांड पर फेथ ग्रुप का मालिक राघवेंद्र
MP में फर्जी मेडिकल डिग्री रैकेट का पर्दाफाश: सरकारी रेडियोग्राफर बना ‘डॉक्टर’ बनाने वाला मास्टरमाइंड
Gwalior News: नवविवाहिता की खुदकुशी के 2 दिन बाद ही पति ने भी लगाई फांसी, सुसाइड नोट नहीं मिलने से उलझा मामला
Yavatmal: विहार लॉज में चल रहा था नकली नोटों का कारखाना, तेलंगाना के 4 आरोपी गिरफ्तार
सदर के सेंटर में की गई जांच
लिफ्ट बंद होने के कारण महिला को तीन मंजिल पैदल चलकर जाना पड़ा। यहां डॉ. नागी ने गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच की और महिला मरीज को जानकारी दी। इसके बाद एजेंट महिला को वापस शिवम अस्पताल ले आया। यह पूरा मामला सामने आने के बाद मनपा की टीम पुलिस के साथ डॉ. नागी के अस्पताल पहुंची लेकिन वह बंद मिला।
यह भी पढ़ें – ‘समृद्धि’ बना मौत का एक्सप्रेस-वे, हर तीन दिन में निगल लेता है 1 जिंदगी, अब तक 95 हजार 722 मौतें
जब डॉ. नागी से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह ‘आउट ऑफ स्टेशन’ हैं। इसके बाद मनपा की टीम ने पुलिस की मदद से तुरंत सोनोग्राफी सेंटर को सील कर दिया। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त विजय थूल, प्रदीप, दिपाली नागरे, सिविल सर्जन कार्यालय के एड. भिसे, जोनल वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अतिक खान, डॉ. ख्वाजा, सीताबर्डी थाने की रूपाली सहित मनपा के कर्मचारी चिंटू बोरकर, सिद्धेश ठमके ने की।
आगे की कार्रवाई सदर और नंदनवन पुलिस कर रही है। वैद्यकीय अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर के मार्गदर्शन में अतिरिक्त वैद्यकीय अधिकारी डॉ. नरेंद्र बहिरवार व डॉ. सरला लाड के नेतृत्व में संपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई की मनपा आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी व अतिरिक्त आयुक्त वसुमना पंत ने सराहना की।
