
मधुमक्खियों का हमला (AI Generated Photo)
Nagpur Bee Attack: मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आती हैं लेकिन इस बार सिटी के भीतर ही मामला सामने आया है। मानकापुर स्थित प्रादेशिक मनोचिकित्सालय का परिसर काफी विस्तारित है। यहां वृक्षों की भरमार है। साथ ही कुछ हिस्से में खेती भी जाती है। यही वजह है कि वृक्षों में मधुमक्खियां छत्ते बनाती हैं।
गुरुवार को अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में 60 वर्षीय एक मरीज की मौत हो गई, जबकि 38 मरीजों सहित 2 कर्मचारी भी घायल हो गये। इस घटना के बाद मरीजों के साथ ही कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया गया कि गुरुवार को दोपहर के वक्त मरीज भोजन कर रहे थे। तभी भिनभिनाती हुईं मधुमक्खियां चारों ओर दिखाई दीं। ऊपरी सतह पर काली चादर जैसी बिछ गई। मरीज खुद को बचाने की कोशिश करते, उससे पहले मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इसमें 60 वर्षीय मरीज किसन विलास की मृत्यु हो गई।
दरअसल किसन श्वसन रोग से पीड़ित था। हमले की वजह से वह घबरा गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल भेजा गया है। अस्पताल प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके साथ ही 38 मरीजों को मधुमक्खियों ने घायल कर दिया। सेवा में कार्यरत 2 कर्मचारी भी घायल हो गए।
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सभी मरीज मनोरोगी होने से उन्हें कुछ समझ ही नहीं आया, साथ ही बचाव के प्रयास करने में भी असफल रहे। कुछ तो दौड़ भी नहीं सकते थे। वहीं कुछ एक दूसरे को ही देखते रहे। शोर मचाने की भी हिम्मत नहीं हो सकी। करीब आधे घंटे तक मधुमक्खियों का हमला जारी रहा।
कर्मचारी यहां-वहां भागते रहे, साथ ही कार्यालयों के खिड़की-दरवाजे बंद कर दिये। इस घटना के बाद परिसर में दहशत का माहौल है। कर्मचारियों के साथ ही यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों व उनके परिजनों में भी घबराहट का माहौल देखने को मिला।






