पूनम टॉवर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Illegal Construction Demolition: छिंदवाड़ा रोड स्थित पूनम टॉवर के अवैध निर्माण को लेकर विजय बाभरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर दिए गए आदेश के अनुसार अब धरमपेठ जोन के सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम ने से हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया।
जिसमें बताया गया कि कोर्ट के कड़े रुख के बाद मनपा ने छिंदवाड़ा रोड स्थित पूनम टॉवर के अवैध निर्माण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। मनपा ने भवन के मालिक और कब्जेधारियों को आदेश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अवैध हिस्से को स्वयं हटा लें, अन्यथा निगम इसे ध्वस्त कर देगा।
अदालत में प्रस्तुत अतिरिक्त हलफनामे के अनुसार सहायक आयुक्त ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को इस संबंध में अंतिम आदेश पारित किया है। यदि मालिक निर्धारित 15 दिनों की अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाता है तो 28 जनवरी 2026 से मनपा स्वयं अवैध निर्माण तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगी जिसे पूरा करने के लिए 6 सप्ताह का समय लगेगा। इस कार्रवाई का पूरा खर्च भवन के मालिक से वसूला जाएगा। मनपा की ओर से अधिवक्ता जैमिनी कासट ने पैरवी की।
मनपा द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 124/OW/AC-II/2026) के अनुसार पूनम टॉवर के इन हिस्सों को अनधिकृत घोषित किया गया है।
-बेसमेंट के 2 बड़े हिस्से (510.58 और 123.42 वर्गमीटर)
-पहली से 8वीं मंजिल के उत्तर की ओर का निर्माण।
-पहली मंजिल पर 1000.39 वर्गमीटर का अतिरिक्त सर्विस फ्लोर।
हाई कोर्ट ने इस मामले में साल 2015 से लेकर 2024 तक की अवधि के दौरान तैनात उन अधिकारियों की सूची भी मांगी है जो इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने में विफल रहे। इसके जवाब में सहायक आयुक्त राजकुमार मेश्राम ने अदालत को बताया कि उस अवधि के दौरान धरमपेठ ज़ोन में तैनात रहे सहायक आयुक्तों और मनपा आयुक्तों के नाम सौंप दिए गए हैं।
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विजय बाभरे द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में यह कार्रवाई की जा रही है। मनपा ने स्पष्ट किया है कि मालिक द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण और स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी जिस कारण यह अंतिम आदेश जारी किया गया है।